3 साल की रिपोर्ट और नया CCTV फुटेज... बद्रीनाथ मंदिर दान चोरी मामले में SIT की जांच तेज, 5 गवाहों के बयान दर्ज| Navbharat Live

Published on 12 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 12, 2026 | 11:25 AM IST

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सार

Badrinath Temple Donation Case: बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। एसआईटी के हाथ अब 3 साल के बैंक रिकॉर्ड और एक नया सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा है।

badrinath temple sit investigation

बद्रीनाथ मंदिर (सौजन्य-IANS)

विस्तार

Badrinath Temple SIT Investigation: उत्तराखंड के प्रसिद्ध चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर नया अपडेट सामने आया है। बद्रीनाथ मंदिर दान चोरी मामले में SIT ने अब तक पांच गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। चढ़ावा चोरी को लेकर बद्रीनाथ मंदिर समिति आज पिछले तीन साल का बैंक रिकॉर्ड एसआईटी को सौंपेगी।

उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि, उन्हें 2 जुलाई 2026 का CCTV फुटेज मिला है। इस सीसीटीवी फुटेज में आरोपी संदिग्ध तरीके से कैश इकट्ठा करते हुए दिख रहे हैं। इसी के साथ पुलिस और एसआईटी ने बद्रीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच तेज कर दी है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) शनिवार को जांच के लिए बद्रीनाथ मंदिर पहुंची थी।

Badrinath Temple Donation Theft Case | SIT has recorded the statement of five witnesses in the case. The Temple Committee will submit the bank records of the last three years today. CCTV footage from 2nd July 2026 has been recovered, in which the accused can be seen collecting… — ANI (@ANI) July 12, 2026

कर्मचारी प्रमोद नौटियाल निलंबित

अपनी जांच के दौरान एसआईटी के हाथ नए सबूत लगे। इसमें CCTV फुटेज और आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के कॉल रिकॉर्ड भी जमा किए गए। बद्रीनाथ में इस तरह से चढ़ावा चोरी का मामला सामने आते ही मंदिर प्रबंधन ने कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था।

पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के सस्पेंड किए गए कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को मंदिर के दान की गिनती वाले कमरे से कैश, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे वाले लिफाफे संदिग्ध रूप से छिपाते या चुराते हुए देखा जा सकता है।

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मंदिर के CCTV में कैद हुई वारदात

उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रमोद नौटियाल को दान काउंटिंग रूम और अपने ऑफिस के बीच कई बार आते-जाते देखा गया। इसी को देख एसआईटी को शक है कि आरोपी दान की चीजों को अपने ऑफिस में छुपा रहा था। आरोपी प्रमोद नौटियाल को 500 और 100 रुपए के नोटों की गड्डियों के साथ सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और 10 से 12 हजार रुपए वाले चढ़ावे के लिफाफे भी छिपाते हुए देखा गया। यह सभी गतिविधियां 2 जुलाई के सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई।

यह भी पढ़ें – बद्रीनाथ मंदिर घोटाला: पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल सस्पेंड, हाई-लेवल कमेटी तैयार, आनंद स्वरूप करेंगे जांच

कॉल डिटेल की जांच शुरू

एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य तारीखों के भी सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए है। इसके अलावा निलंबित कर्मचारी प्रमोद के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि इस आधार पर SIT 25 से 29 जून के CCTV फुटेज भी खंगाल रही है।

उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर

इस बीच, प्रमोद नौटियाल ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने सस्पेंशन और अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी। जस्टिस आलोक मेहरा ने मामले की सुनवाई की और BKTC को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 16 जुलाई को तय की गई है।

फिलहाल, इस मामले की जांच चार अलग-अलग स्तरों पर हो रही है। पुलिस और SIT के अलावा, BKTC की विभागीय जांच समिति और गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति भी जांच कर रही है। मंदिर में तीर्थयात्रियों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे में गड़बड़ी सामने आने के बाद मंदिर समिति के कामकाज पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

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