बीसलपुर बांध का जलस्तर शनिवार को 314 आरएल मीटर पहुंच गया है और अब इसकी पूरी भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर तक पहुंचने के लिए डेढ़ मीटर पानी बाकी है। हालांकि पिछले दो दिनों की तुलना में बांध में पानी की आवक कम हुई है और 24 घंटे में सिर्फ 6 सेंटीमीटर पानी
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बीसलपुर बांध का जलस्तर बढ़ने से सरकार, किसानों और टोंक, अजमेर व जयपुर के लोगों में खुशी है।
24 घंटे में सिर्फ 6 सेंटीमीटर पानी आया
शनिवार सुबह 6 बजे तक बीते 24 घंटे में बीसलपुर बांध में महज 6 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई है। इससे पहले शुक्रवार को 19 सेंटीमीटर और गुरुवार को 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर पानी आया था। पिछले दिनों हुई इस आवक से बांध का जलस्तर 314 आरएल मीटर तक पहुंचने में काफी मदद मिली है। अभी बांध में पानी की आवक जारी है।
त्रिवेणी का गेज 2.80 मीटर हुआ
त्रिवेणी का गेज भी कम हुआ है। शनिवार को त्रिवेणी 2.80 मीटर बह रही है। ऐसे में अगर अब भराव क्षेत्र में बारिश नहीं होती है तो बांध में पानी की आवक लगातार कम होती जाएगी। हालांकि अगस्त का अभी आधा महीना बाकी है। इसलिए बांध के भरने की उम्मीद अभी बनी हुई है।

अगस्त में ही खुले हैं बांध के गेट
बीसलपुर बांध के इतिहास पर नजर डालें तो गत साल को छोड़कर अब तक जितनी भी बार बांध के गेट खुले हैं, वे अगस्त के महीने में ही खुले हैं। यानी बांध अगस्त महीने में ही छलका है। ऐसे में इस साल भी बांध के गेट अगस्त महीने के आखिर तक खुलने की संभावना है।
रोजाना 900-1000 एमएलडी पानी की खपत
इस बांध से रोजाना टोंक, अजमेर और जयपुर की एक करोड़ से ज्यादा आबादी की प्यास बुझती है। इन तीनों जिलों के लिए रोजाना 900-1000 एमएलडी पानी की खपत होती है। इससे बांध का जलस्तर रोजाना करीब डेढ़ से दो सेंटीमीटर कम होता है।
38 टीएमसी क्षमता के मुकाबले 28.288 टीएमसी पानी
बीसलपुर बांध की पूरी भराव क्षमता 315.50 मीटर है, जो 38 टीएमसी के बराबर है। शनिवार को बांध में 28.288 टीएमसी पानी आ चुका है। इस हिसाब से बांध अपनी कुल भराव क्षमता का करीब दो तिहाई भर चुका है। जलस्तर अब 314 आरएल मीटर पहुंच गया है और पूरी भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर तक पहुंचने में डेढ़ मीटर बाकी है।
बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा
शनिवार को भी मौसम बारिश का बना हुआ है। कई जगह रुक-रुककर बूंदाबांदी हो रही है। इससे मौसम खुशनुमा बना हुआ है और सावन का अहसास हो रहा है। बारिश के कारण गर्मी और उमस से लोगों को काफी राहत मिली है।