शुरुआती जांच में सामने आया है कि हथियारों की यह खेप गैंग के सक्रिय सदस्य नवीन बॉक्सर के जरिए सप्लाई की जा रही थी। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगा रही है कि असलाह कहां से लाया गया था और किस वारदात को अंजाम देने की साजिश थी।
बहादुरगढ़ पुलिस की गिरफ्त में पकड़े गए गुर्गे।
- Published: 29 Aug 2026, 02:32 PM IST
- Last Updated: 29 Aug 2026, 02:32 PM IST
हरियाणा के झज्जर जिले में बहादुरगढ़ एसटीएफ की टीम को लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस खतरनाक गिरोह के लिए अवैध हथियारों की खेप सप्लाई करने जा रहे चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया था। अब अदालत में पेशी के बाद मामले के मुख्य आरोपी अंकित उर्फ बिट्टू और भवानी उर्फ मोनू को रिमांड पर लिया गया है, वहीं रितिक उर्फ कालू और सिद्धार्थ को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
ब्रेजा कार में ले जा रहे थे हथियारों की बड़ी खेप
एसटीएफ की बहादुरगढ़ यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी एक ब्रेजा गाड़ी में हथियारों की सप्लाई देने जा रहे हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने घेराबंदी कर चारों को दबोच लिया। तलाशी लेने पर गाड़ी से तीन अवैध पिस्तौल, सात मैगजीन, तीन जिंदा कारतूस, ब्रेजा कार और मोबाइल फोन बरामद हुए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
पकड़े गए चारों आरोपी पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं और उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी अंकित उर्फ बिट्टू पर सदर दादरी थाने में आर्म्स एक्ट, रंगदारी और जानलेवा हमले से जुड़े नौ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं भवानी उर्फ मोनू पर आर्म्स एक्ट, मारपीट और एनडीपीएस एक्ट के तहत छह केस दर्ज हैं।
इसके अलावा रितिक उर्फ कालू पर दादरी सदर और राजस्थान के पिलानी थाने में मामले दर्ज हैं, जबकि सिद्धार्थ पर भी दादरी सदर थाने में आर्म्स एक्ट का मुकदमा चल रहा है।
नवीन बॉक्सर से जुड़े तार, सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हथियारों की इस सप्लाई के तार रोहित गोदारा गैंग के सक्रिय सदस्य नवीन बॉक्सर से जुड़े हुए हैं। रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपियों से अब एसटीएफ कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि असलाह की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे राज्य में किस गिरोह या व्यक्ति तक पहुंचाकर क्या साजिश रची जा रही थी।