खंडवा में पुलिस ने करीब 40 साल पुराने छेड़छाड़ के मामले में फरार चल रहे 64 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 1986 में प्रकरण दर्ज हुआ था। उस समय उसकी उम्र करीब 24 साल थी।
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मामले में अदालत से स्थाई वारंट जारी होने के बाद वह लगातार फरार चल रहा था। करीब चार दशक तक पुलिस उसकी तलाश करती रही, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
मोघट रोड पुलिस को हाल ही में आरोपी के खंडवा में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी तलाश शुरू की और मुखबिर की सूचना के आधार पर नए बस स्टैंड क्षेत्र में एक दुकान से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
40 साल बाद हुई इस गिरफ्तारी को पुलिस की पुराने स्थाई वारंटों की तामील की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
1986 में दर्ज हुआ था मामला पुलिस के अनुसार, आरोपी अशोक कुमार पिता पॉपट के खिलाफ वर्ष 1986 में छेड़छाड़ का प्रकरण दर्ज हुआ था। उस समय आरोपी की उम्र करीब 24 वर्ष थी।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था। बाद में उसे न्यायालय से जमानत मिल गई।
जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी न्यायालय में नियमित रूप से पेश नहीं हुआ और फरार हो गया। इसके बाद न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी किया।
पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। अब गिरफ्तार होने पर उसने बताया कि, उसकी याद्दाश्त ठीक नहीं है। उसे इस केस के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
उम्र बढ़ती गई, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में नाम बना रहा मामला दर्ज हुए करीब चार दशक बीत गए। इस दौरान आरोपी की उम्र 24 साल से बढ़कर 64 साल हो गई, लेकिन उसके खिलाफ जारी स्थाई वारंट पुलिस रिकॉर्ड में कायम रहा। पुलिस की ओर से समय-समय पर पुराने फरार वारंटियों की तलाश की जाती रही।
इसी दौरान पुलिस को आरोपी के खंडवा में होने की जानकारी मिली। सूचना की पुष्टि करने के बाद टीम ने उसकी घेराबंदी की और नए बस स्टैंड क्षेत्र से उसे पकड़ लिया।
नए बस स्टैंड की दुकान से हुई गिरफ्तारी पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी नए बस स्टैंड क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर निगरानी रखी। आरोपी के वहां पहुंचते ही हेड कांस्टेबल रफीक खान ने उसे हिरासत में ले लिया।
आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की गई। बाद में उसे जमानत मिल गई।
चार दशक बाद हुई स्थाई वारंट की तामील इस मामले में सबसे खास बात यह है कि 1986 में जारी हुई कानूनी कार्रवाई का स्थाई वारंट करीब 40 साल बाद तामील हुआ। आरोपी जब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का सामना कर रहा था, तब उसकी उम्र 24 वर्ष थी।
गिरफ्तारी के समय वह 64 साल का हो चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुराने मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों और स्थाई वारंटियों की तलाश लगातार की जा रही है।
इसी अभियान के तहत मोघट रोड पुलिस को यह सफलता मिली।