मरीजों की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज को अलर्ट पर रखा है। तो वहीं जिला नोडल अधिकारी (DNO) डॉ. मनीष पूनिया ने निजी अस्पतालों से मरीजों के हित में आपातकालीन सेवाएं बाधित न करने की अपील की है।
हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों ने बकाया भुगतान को लेकर की सांकेतिक हड़ताल।
- Published: 01 Sep 2026, 12:21 PM IST
- Last Updated: 01 Sep 2026, 12:22 PM IST
हरियाणा में आयुष्मान मरीजों पर संकट: हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों ने बकाया भुगतान को लेकर मंगलवार, 1 सितंबर को सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के आह्वान पर प्रदेश के 400 से अधिक निजी अस्पताल आज आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस इलाज नहीं कर रहे हैं।
अस्पताल संचालकों का कहना है कि राज्य सरकार ने पिछले करीब 6 महीने से आयुष्मान योजना का बजट जारी नहीं किया है। इसके चलते अकेले हिसार जिले के निजी अस्पतालों का करीब 250 करोड़ रुपए, जबकि पूरे प्रदेश के सूचीबद्ध निजी अस्पतालों का लगभग 1,200 करोड़ रुपए भुगतान बकाया है।
लंबे समय से अटका भुगतान को लेकर अस्पताल संचालकों में नाराजगी
IMA के जिलाध्यक्ष डॉ. गुरनीश सिंह के अनुसार भुगतान नहीं मिलने से अस्पतालों के संचालन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। दवाइयों की खरीद, स्टाफ के वेतन और अन्य जरूरी खर्च प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ते बकाये के कारण उन्हें विरोध स्वरूप सांकेतिक हड़ताल का फैसला लेना पड़ा।
मरीजों को आज कैशलेस इलाज में होगी परेशानी
निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गंभीर बीमारी या सुपर-स्पेशलिटी इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर मरीजों को आज या तो इलाज का भुगतान खुद करना पड़ेगा या सरकारी अस्पतालों का रुख करना होगा।
हिसार जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत 40 सरकारी और 84 निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। निजी अस्पतालों में हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों को किया अलर्ट
हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज को अलर्ट पर रखा है। आयुष्मान भारत योजना के जिला नोडल अधिकारी (DNO) डॉ. मनीष पूनिया ने बताया कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
डॉ. पूनिया ने निजी अस्पताल संचालकों से मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन और कैशलेस सेवाएं बाधित न करने की अपील की है। विभाग का प्रयास है कि हड़ताल के बावजूद गंभीर मरीजों को इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो।
निजी अस्पताल संचालकों ने की सरकार से बकाया भुगतान जारी करने की मांग
निजी अस्पताल संचालकों की मुख्य मांग लंबे समय से लंबित आयुष्मान भुगतान जारी करना है। उनका कहना है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं होता, तब तक अस्पतालों पर आर्थिक संकट बना रहेगा। फिलहाल आज की सांकेतिक हड़ताल के कारण आयुष्मान लाभार्थियों को निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज नहीं मिल रहा है।
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