Published: Thursday, July 16, 2026, 16:04 [IST]
दिल्ली के युवाओं को नौकरी ढूंढ़ने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक कैबिनेट ने दिल्ली स्टार्टअप एंड इन्क्यूबेशन पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इस नीति के लिए 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को इन्क्यूबेशन, मार्गदर्शन और शुरुआती मदद मिलेगी।
सरकार का मकसद दिल्ली के युवाओं को सिर्फ नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रखना है। नई नीति के जरिए ऐसे माहौल पर जोर दिया जाएगा, जहां छात्र और युवा अपने नए आइडिया को बिजनेस में बदल सकें। इसके लिए इन्क्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप सपोर्ट और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर काम किया जाएगा।
रेखा गुप्ता ने बोला- कौन देश को ले जा सकता है आगे!
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित वाइस रीगल लॉज में शहीद भगत सिंह कॉलेज के डायमंड जुबली समारोह की शुरुआत के कार्यक्रम में शामिल हुईं। कॉलेज के 60 साल पूरे होने पर उन्होंने पूरे कॉलेज परिवार, प्रिंसिपल, शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और पूर्व छात्रों को बधाई दी।
अपने संबोधन में रेखा गुप्ता ने कहा कि जो व्यक्ति 'राष्ट्र देवो भव' के भाव को समझता है, वही देश को आगे ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरों पर जाते हैं और हजारों भारतीयों के साथ दूसरे देशों के लोग भी उनका इंतजार करते हैं, तो हर भारतीय को गर्व महसूस होता है। अगर हर नागरिक इसी सोच के साथ देश के लिए अपना योगदान दे तो विकसित भारत का सपना और मजबूत होगा।
DU के छात्रों के लिए क्या ऐलान हुआ?
रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को बड़ी जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने स्टार्टअप पॉलिसी के तहत छात्रों को इन्क्यूबेशन सपोर्ट देने के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। उनका कहना था कि इससे युवाओं को अपने स्टार्टअप शुरू करने और नए आइडिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की शिक्षा व्यवस्था नवाचार, स्किल, रिसर्च और राष्ट्र निर्माण के नए मानक बना रही है। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह कॉलेज जैसे संस्थान इस अभियान को नई ऊर्जा दे रहे हैं।