राजस्थान: हनुमानगढ़ में कपास कीट प्रबंधन पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण, किसानों को सिखाईं IPM तकनीकें

Published on 18 अक्टू॰ 2026

राजस्थान: हनुमानगढ़ में कपास कीट प्रबंधन पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण, किसानों को सिखाईं IPM तकनीकें

18 अक्टूबर 2026, हनुमानगढ़: राजस्थान: हनुमानगढ़ में कपास कीट प्रबंधन पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण, किसानों को सिखाईं IPM तकनीकें – टिड्डी दल-सह-एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र श्रीगंगानगर द्वारा 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक कृषि विज्ञान केंद्र संगरिया, जिला हनुमानगढ़ में खरीफ फसलों, विशेष रूप से कपास का समेकित कीट प्रबंधन विषय पर पाँच दिवसीय मानव संसाधन विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप निदेशक डॉ. आर. के. शर्मा, मुख्य अतिथि श्रीमती यशवंती चौधरी, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, हनुमानगढ़ तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. अनूप कुमार, प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कृषि पर्यवेक्षकों, एफपीओ प्रतिनिधियों तथा किसानों सहित प्रतिभागियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान कपास में कीट निगरानी, आर्थिक क्षति स्तर समेकित नाशीजीव प्रबंधन, जैविक नियंत्रण तथा ट्राइकोग्रामा के उपयोग एवं वितरण संबंधी व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, राष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य प्रबंधन संस्थान के बारे में भी जानकारी दी गई। समापन पर सुश्री श्रद्धा गोमे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, हनुमानगढ़ ने सभी प्रतिभागियों को किट एवं प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए तथा अपने अनुभव एवं विचारों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

उन्होंने प्रतिभागियों को कपास सहित खरीफ फसलों में आईपीएम तकनीकों को अपनाने, वैज्ञानिक जानकारी किसानों तक पहुँचाने तथा पर्यावरण-अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सहायक निदेशक श्री प्रकाश चंद्र, सहायक पादप संरक्षण अधिकारी जितेंद्र मीणा, अंकित कुमार जांगिड़ एवं सुश्री करीना, वैज्ञानिक सहायक आर. के. चौधरी एवं सुश्री वर्षा तथा तकनीकी सहायक सुश्री रिया चावला का भी योगदान रहा। 

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