
उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की करंसी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की 4 दिन की यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं. यात्रा की शुरुआत उज्बेकिस्तान से होगी. 29 और 30 अगस्त को पीएम मोदी राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव के निमंत्रण पर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में रहेंगे. इसके बाद किर्गिस्तान के लिए रवाना होंगे. दोनों ही देशों में भारतीय रहते हैं और टूरिस्ट के तौर पर भी पहुंचे हैं.
ताशकंद की एम्बेसी के मुताबिक, उज्बेकिस्तान में करीब 20 हजार भारतीय रहते हैं. लगभग 16,000 भारतीय छात्र ताशकंद, समरकंद और बुखारा जैसे शहरों में अलग-अलग सरकारी विश्वविद्यालयों में मेडिसिन की पढ़ाई करते हैं. साल 2024 में करीब 72 हजार भारतीय उज्बेकिस्तान घूमने के लिए पहुंचे. वहीं, किर्गिस्तान में 15 हजार भारतीय रहते हैं और पढ़ाई कर रहे हैं. आइए इसे बहाने जाते हैं कि उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान में भारत के 500 रुपए कितने हो जाते हैं?
उज्बेकिस्तान में भारतीय करंसी का हाल
सोम उज्बेकिस्तान की आधिकारिक करंसी है. इसे UZS कोड के जरिए दिखाते हैं. यहां की करंसी को कंट्रोल करने का काम सेंट्रल बैंक ऑफ रिपब्लिक ऑफ उज्बेकिस्तान है. सोम शब्द तुर्किक भाषाओं से आया है, जिसका मतलब है “शुद्ध”. यह ऐतिहासिक तौर पर शुद्ध सोने के सिक्कों से जुड़ा नाम है.
अब जान लेते हैं कि उज्बेकिस्तान में भारत के 500 रुपए कितने हो होते हैं. उज्बेकिस्तान में भारत के 100 रुपए 12371 उज्बेकिस्तानी सोम हो जाते हैं. वहीं भारतीय 500 रुपए की वहां वैल्यू में 61857 उज्बेकिस्तानी सोम हो जाते हैं. इस तरह उज्बेकिस्तान में भारतीय करंसी की वैल्यू को समझा जा सकता है.

उज्बेकिस्तान की करंसी.
कितनी पुरानी करंसी?
1991 में सोवियत संघ से आजाद होने के साथ कुछ समय तक यहां रूसी रूबल ही चलता रहा. 1994 में सूम को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया. यह आर्थिक आजादी का प्रतीक बना. यहां के नोटों पर समरकंद, बुखारा, खिवा, कोकंद, ताशकंद और फ़रगना घाटी जैसी सिल्क रोड विरासत की झलक मिलती है. वहीं, कुछ पुराने नोटों पर अमीर तैमूर की मूर्ति भी छपी है.

किर्गिस्तान की करंसी किर्गिज सोम.
किर्गिस्तान में भारतीय करंसी की वैल्यू?
किर्गिज सोम किर्गिस्तान की आधिकारिक करंसी है. इसका करंसी कोड KGS है. भारत के 100 रुपए किर्गिस्तान में जाकर 94 किर्गिज सोम रह जाते हैं. इसी तरह यहां के 500 रुपए वहां जाकर 457 किर्गिज सोम रह जाते हैं. इस तरह भारतीय और किर्गिस्तान की करंसी के अंतर को साफ समझा जा सकता है.
उज़्बेकिस्तान की तरह यहां की करंसी में भी लगा सोम शब्द तुर्किक भाषाओं से आया है. यह 10 मई 1993 को लॉन्च हुआ हुआ था और इसने सोवियत रूबल को रिप्लेस किया था. किर्गिस्तान पूर्व सोवियत संघ के देशों में सबसे पहले अपनी नई करंसी लाने वालों में शामिल था. मध्य एशिया में तो सबसे पहला था. मध्य एशिया में सोवियत-दौर के बाद सबसे कम महंगाई दर वाली करंसी सोम की मानी जाती है.
Over the next few days, will be in Uzbekistan and the Kyrgyz Republic.
The programmes include:
Bilateral talks with President Shavkat Mirziyoyev in Tashkent to improve the India-Uzbekistan friendship.
Visit to the Shastri Memorial and the Mahatma Gandhi Centre at the
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2026
पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे. पीएम मोदी का यह दौरा मध्य एशिया के साथ भारत के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
यह भी पढ़ें: जंग या गोरखाओं की बहादुरी, अंग्रेज नेपाल को क्यों नहीं बना पाए गुलाम?

अंकित गुप्ता
नवाबों के शहर लखनऊ में जन्मा. डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से MBA. लिखने की चाहत और खबरों से आगे की कहानी जानने का जुनून पत्रकारिता में लाया. 2008 में लखनऊ के पहले हिन्दी टेबलॉयड ‘लखनऊ लीड’ से करियर से शुरुआत की. फीचर सेक्शन में हाथ आजमाया. फिर बाबा गोरखनाथ के नगरी गोरखपुर से दैनिक जागरण के आइनेक्स्ट से जुड़ा. शहर की खबरों और हेल्थ मैगजीन में रिपोर्टिंग के लिए 2013 में राजस्थान पत्रिका के जयपुर हेडऑफिस से जुड़ा. यहां करीब 5 साल बिताने के बाद डिजिटल की दुनिया में नई शुरुआत के लिए 2018 में दैनिक भास्कर के भोपाल हेड ऑफिस पहुंचा. रिसर्च, एक्सप्लेनर, डाटा स्टोरी और इंफोग्राफिक पर पकड़ बनाई. हेल्थ और साइंस की जटिल से जटिल खबरों को आसान शब्दों में समझाया. 2021 में दैनिक भास्कर को अलविदा कहकर TV9 ग्रुप के डिजिटल विंग से जुड़ा. फिलहाल TV9 में रहते हुए बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर ‘नॉलेज’ सेक्शन की कमान संभाल रहा हूं. एक्सप्लेनर, डाटा और रिसर्च स्टोरीज पर फोकस भी है और दिलचस्पी भी.
Read More