सरकार ने कृषि योजनाओं में बजट नहीं दिया; जिले के 5098 किसानों का 12 करोड़ रु. अनुदान अटका - Churu News

Published on 11 अग॰ 2026

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जिले में कृषि और उद्यानिकी विभाग की किसानों से जुड़ी हुई योजनाएं बजट नहीं मिलने के कारण पूरी तरह सुस्त पड़ गई हैं। योजनाओं में अनुदान राशि नहीं मिलने से जिले के हजारों किसानों के करोड़ों रुपए अटके हुए हैं। कृषि विभाग की तारबंदी योजना में जिले के 2000 किसानों के 7 करोड़ रुपए तथा उद्यानिकी विभाग की पीएम सूक्ष्म सिंचाई योजना में 3098 किसानों के 5 करोड़ रुपए अटके हुए हैं।

अब गौर करने वाली बात ये कि आने वाले समय में नगर निकाय व पंचायती राज चुनावों को लेकर आचार संहिता लागू हो सकती है। यदि आचार संहिता लागू हो जाती है, तो अनुदान के लिए विभागीय स्तर पर वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं हो पाएगी, जिसके चलते किसानों का यह इंतजार और लंबा खींच सकता है। इससे जिले के हजारों किसान परिवारों की चिंता बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आगे से बजट स्वीकृत होते ही राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। पीएम सूक्ष्म सिंचाई योजना में खेतों में ड्रिप व स्प्रिंकलर प्रणाली स्थापित करने पर लागत का 70 से 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इसमें लघु व सीमंत किसानों को 75% और सामान्य किसानों को 70% सब्सिडी मिलती है। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और कम पानी में अधिक फसल उत्पादन हासिल करना है। {खेत तारबंदी योजना फसलों को आवारा व जंगली पशुओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए लागू की गई है। इसके तहत व्यक्तिगत किसान को न्यूनतम 1.5 हेक्टेयर तथा किसान समूह (कम से कम 2 किसान) को 0.5 हेक्टेयर भूमि पर तारबंदी के लिए लागत का 50% या अधिकतम 40,000 रुपए तक का अनुदान मिलता है व्यक्तिगत व समूह में आवेदन करने वाले किसान इसके तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र होते हैं। {चूरू तहसील के खंडवा पट्टा गांव के मेघाराम बरोड़ ने बताया कि कृषि विभाग की तारबंदी योजना में करीब 8 माह से उनका अनुदान अटका हुआ है। उन्होंने बताया कि मेरे 34000 रुपए पेंडिंग हैं। राशि का भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। विभाग में पता करने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। कृषि यंत्र और कुसुम योजना में नए लक्ष्यों का इंतजार : एक तरफ जहां पुराने आवेदकों का भुगतान फंसा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ उद्यानिकी और कृषि विभाग की प्रमुख योजनाओं में चालू सत्र के नए लक्ष्य जारी नहीं हो रहे हैं। उद्यानिकी विभाग की महत्वपूर्ण पीएम कुसुम कंपोनेंट योजना (सौर ऊर्जा पंप सैट) व पीएम सूक्ष्म सिंचाई योजना तथा कृषि विभाग की कृषि यंत्र योजना और तारबंदी योजना में नए लक्ष्य नहीं आए हैं। {तारानगर के पंडरेऊ टिब्बा गांव के पूर्णाराम सरावग ने बताया कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले खेत में तारबंदी ने करवाई थी। तारबंदी करवाने के बाद सभी दस्तावेज संबंधित औपचारिकता पूरी करने के बाद भी उनका अनुदान अटका हुआ है। उन्होंने बताया कि 40 हजार रुपए से अधिक का भुगतान रुका हुआ है। भुगतान को लेकर वे विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।