नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही: मृतकों की संख्या बढ़कर 538 हुई; तिब्बत सीमा पर झील का जलस्तर बढ़ने से एक और विनाशकारी बाढ़ का मंडराया खतरा - Up18 News

Published on 28 अग॰ 2026

काठमांडू/नयी दिल्ली: नेपाल में हाल ही में आई भयंकर बाढ़ की वजह से चहुंओर भारी तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। इस भीषण प्राकृतिक त्रासदी में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर अब 538 तक जा पहुंचा है, और हालात यह हैं कि बाढ़ के चार दिन बीत जाने के बाद भी मलबे से लगातार शवों को निकालने का सिलसिला जारी है।

वहीं चीन ने नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भूस्खलन के कारण बनी एक झील के बढ़ते जलस्तर को लेकर नयी चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के अनुसार झील के अचानक फटने की स्थिति में निचले इलाकों में एक और विनाशकारी बाढ़ आ सकती है। हालांकि इसबीच एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। बाढ़ के बाद चीन के क्षेत्र में करीब 400 भारतीय नागरिकों की जानकारी मिली, सभी सुरक्षित बताये जा रहे हैं।

नेपाल के आपदा प्राधिकरण ने भी गुरुवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नदी का प्रवाह मलबे से अवरुद्ध होने के कारण बनी झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके टूटने का खतरा है। प्राधिकरण ने नदी के निचले किनारों पर रहने वाले लोगों, यात्रियों और बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से विशेष सावधानी बरतने तथा नदी तट और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

तिब्बत की झील में जमा हुआ 25 लाख घन मीटर पानी

चीनी सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार शुक्रवार सुबह तक इस झील में करीब 25 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। बताया गया है कि गुरुवार को झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी था और अगले तीन दिनों में इसमें 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी जमा होने की आशंका है। वैज्ञानिकों का मानना है कि 26 अगस्त को इसी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ संभवतः पहाड़ पर स्थित ग्लेशियर के नदी में गिरने से आई थी। इस बाढ़ में आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। भूस्खलन का मलबा जब नदी के प्रवाह को रोक देता है तो वहां अस्थायी प्राकृतिक बांध के रूप में ऐसी झील बन जाती है।

इसके टूटने पर अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बह सकता है, जिससे व्यापक तबाही की आशंका रहती है। सीसीटीवी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम चीन के शिजांग स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में भूस्खलन से प्रभावित 499 ग्रामीणों और निर्माण श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। इसके अलावा 555 पर्यटकों को भी निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है और अब कोई पर्यटक वहां फंसा नहीं है।

वहीं द हिमालयन की रिपोर्ट के अनुसार, आठ जिलों में 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 2,381 लोग लापता हैं। लापता लोगों में 644 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह आपदा से प्रभावित भारतीय नागरिकों के बचाव और निकासी के समन्वय के लिए नेपाल और चीन के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।