सीतापुर में बारिश के बीच गूंजी शहनाई, सामूहिक विवाह योजना में 565 जोड़ों ने लिए फेरे

Published on 2 सित॰ 2026

सीतापुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया. आरएमपी कॉलेज परिसर में आयोजित इस विशाल कार्यक्रम में एक साथ 565 जोड़ों ने सात फेरे लेकर और निकाह पढ़कर नई जिंदगी की शुरुआत की. खास बात ये रही कि इनमें 14 मुस्लिम जोड़े भी शामिल रहे. हिंदू जोड़ों ने हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए, जबकि मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया. 

सीतापुर के आरएमपी कॉलेज में बुधवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत भव्य विवाह समारोह का आयोजन किया गया. बारिश के बीच सजे पंडाल...शहनाई की गूंज...और विवाह के जोड़ों के चेहरों पर दिखाई देती खुशी...पूरे माहौल को खास बना रही थी. दूर-दराज के इलाकों से वर-वधू अपने परिजनों के साथ यहां पहुंचे.

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565 जोड़ें शादी के बंधन में बंधे

इस सामूहिक विवाह समारोह में कुल 565 जोड़ों का विवाह कराया गया. इनमें 14 मुस्लिम जोड़े भी शामिल रहे. समारोह में सभी धर्मों की परंपराओं और रीति-रिवाजों का सम्मान करते हुए विवाह संपन्न कराया गया. हिंदू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए, तो मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवियों की मौजूदगी में कराया गया.

नवविवाहित जोड़ों को मिलती है आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार की ओर से नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता भी दी जाती है. इस आयोजन में प्रत्येक जोड़े पर करीब एक लाख रुपये की धनराशि खर्च की गई. योजना के तहत कन्या के खाते में 65 हजार रुपये की धनराशि ट्रांसफर की जाएगी. इसके साथ ही विवाह से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं और सामग्री के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है.

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल

कार्यक्रम में नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’, कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही, एमएलसी पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव, सेवता विधायक ज्ञान तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिव कुमार गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. अधिकारियों की ओर से डीएम डॉ. राजा गणपति आर, सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी और एडीएम आयुष चौधरी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की.

बारिश में नहीं घटा उत्साह

बारिश ने कार्यक्रम में खलल डालने की कोशिश जरूर की...लेकिन वर-वधू और उनके परिजनों का उत्साह कम नहीं हुआ. बड़ी संख्या में लोग समारोह स्थल पर पहुंचे और अपने बेटे-बेटियों को नई जिंदगी की शुरुआत करते हुए देखा. कई परिवारों के लिए यह आयोजन खास इसलिए भी रहा, क्योंकि सरकारी योजना के माध्यम से विवाह का खर्च उठाने में उन्हें बड़ी मदद मिली.

पुलिस-प्रशासन ने किए थे व्यापक इंतजाम

वहीं, इतने बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने भी व्यापक इंतजाम किए थे. समारोह स्थल के आसपास चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा. भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई. बारिश के बावजूद पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.

एक ही परिसर में अलग-अलग धर्मों के जोड़ों का उनकी परंपराओं के मुताबिक विवाह और निकाह...इस आयोजन की खास तस्वीर रही. कहीं मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए जा रहे थे, तो कहीं निकाह की रस्म पूरी हो रही थी. हर जोड़ा अपने जीवन के इस खास पल को यादगार बनाने में जुटा था.

सीतापुर का यह सामूहिक विवाह समारोह उन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया, जो आर्थिक कारणों से बेटी की शादी को लेकर चिंतित रहते हैं. बारिश के बावजूद 565 जोड़ों की शादी और 14 मुस्लिम जोड़ों का निकाह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. सरकार की योजना के जरिए आर्थिक सहायता के साथ इन जोड़ों ने एक साथ नई जिंदगी की शुरुआत की.

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