देश में 576 अरबपति, 5 साल में चार गुना बढ़े: सरकार को नहीं पता अरबपतियों के पास कितनी संपत्ति, दावा- बेरोजगारी और गरीबी घटी - Jaipur News
Published on 28 जुल॰ 2026
जयपुर2 घंटे पहले
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देश में पिछले पांच साल में अरबपतियों की संख्या में चार गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है। साल 2021-22 में 142 अरबपति थे। 2025-26 में अरबपतियों की संख्या बढ़कर 576 हो गई है। सरकार ने अरबपतियों की संख्या बताई है, लेकिन अलग-अलग अरबपतियों की कुल आय का ब्योरा नहीं दिया है।
दौसा से कांग्रेस सांसद मुरारीलाल मीणा के सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि आयकर एक्ट में अरबपति शब्द की कोई वैधानिक परिभाषा नहीं है। लेकिन आयकर विवरण (ITR) में सालाना 100 करोड़ या इससे ज्यादा की आय दिखाने वालों का ब्योरा दिया है।
सरकार के पास अरबपतियों की कुल संपत्ति का ब्योरा नहीं
सरकार के पास अरबपतियों की कुल संपत्ति का ब्योरा नहीं है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार के पास करदाताओं की कुल संपत्ति का कोई आधिकारिक या संकलित डेटा नहीं है। इसका कारण यह है कि संपत्ति कर अधिनियम, 1957 को एक अप्रैल 2016 से खत्म कर दिया गया।
दौसा से कांग्रेस MP ने लोकसभा में सवाल लगाया था।
घरेलू खर्च में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अंतर कम
जवाब के अनुसार, घरेलू खर्च में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अंतर कम हो रहा है। घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गिनी गुणांक (लोगों के बीच आय या धन की असमानता) 0.237 और शहरी क्षेत्रों के लिए 0.284 दर्ज किया गया है। यह 2022-23 के आंकड़ों से कम है, जो यह दिखाता है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच का अंतर कम हो रहा है।
13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए
पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) की रिपोर्ट के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के श्रम बाजार कोविड-पूर्व स्तर से बेहतर स्थिति में हैं। 15 साल और इससे ज्यादा उम्र के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर 2022 के 3.6% से घटकर 2025 में 3.1% हो गई है।
नीति आयोग के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक के निष्कर्ष बताते हैं कि साल 2015-16 और 2019-21 के बीच देश में बहुआयामी गरीबी का अनुपात 24.85% से घटकर 14.96% रह गया है। इस अवधि में लगभग 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।
असमानता कम करने के लिए ज्यादा आय वालों पर सरचार्ज लगाया
वित्त राज्य मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि देश में असमानता कम करने और रोजगार सृजन के लिए सरकार ने कई मोर्चों पर सुधारात्मक कदम उठाए हैं। अत्यधिक आय वाले व्यक्तियों पर सामान्य टैक्स के अलावा सरचार्ज लगाया है।
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