बिहार में मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग ने आज 6 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है।
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वहीं, राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम उमस भरा रहने का अनुमान है। बिहार में फिलहाल औसत से 35 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
बीते 24 घंटे में किशनगंज समेत कुछ जिलों में बारिश हुई। पटना में बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई।
इधर, नेपाल-चीन बॉर्डर पर ग्लेसियर टूटने से नेपाल में फ्लैश फ्लड आया, जिसकी वजह से बिहार के 12 जिलों में भी बाढ़ है। गंगा, पुनपुन सहित कई नदियां उफान पर हैं।
राज्य के 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतों में 22.42 लाख आबादी अब तक बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। जबकि बाढ़ के पानी में डूबने से 20 लोगों की मौत हो चुकी हैं।

बारिश के पीछे क्या है वजह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में बारिश के लिए कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मानसून की ट्रफ लाइन इस समय श्रीगंगानगर, नारनौल, उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से, डेहरी, पुरुलिया और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। आसान भाषा में कहें तो मानसून की मुख्य बारिश वाली पट्टी बिहार के आसपास से गुजर रही है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
इसके अलावा उत्तर-पूर्वी बिहार और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके प्रभाव से खासकर उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों में बादल बनने और बारिश होने की संभावना बढ़ रही है।
वहीं, पश्चिमी असम और आसपास के इलाकों में भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दूसरी ओर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास बना एक पुराना चक्रवाती परिसंचरण अब कमजोर पड़ गया है।
पटना में आज कैसा रहेगा मौसम
पटना में आज मौसम उमस भरा रह सकता है। हालांकि, बादल छाने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। बीते 24 घंटे में पटना में 70 MM बारिश रिकॉर्ड हुई है।
इसके बाद भी वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी और उमस महसूस हो सकती है।
अगले 5 दिनों में तापमान में बड़ा बदलाव नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों के दौरान बिहार के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान भी लगभग इसी स्तर पर बना रहेगा। यानी आने वाले दिनों में राज्य में बहुत ज्यादा गर्मी या अचानक तापमान गिरने की संभावना नहीं है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है, फिलहाल मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। इसलिए आने वाले दिनों में बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, लेकिन पूरे राज्य में एक साथ भारी बारिश होने की संभावना नहीं है। उत्तर-पूर्वी जिलों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रह सकती हैं।
बाढ़ से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

खगड़िया में बाढ़ के पानी के बीच चौकी पर चूल्हा रखकर खाना बनाती महिलाएं।

भागलपुर में कमर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। घरों में रखा सामान भी डूब चुका है।

मुंगेर में गंगा नदी खतरे के निशान के ऊपर है। गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से 6 प्रखंड प्रभावित हैं।
मधुबनी में सबसे ज्यादा 118 MM बारिश
राज्य में मानसून की स्थिति अभी भी सामान्य से पीछे है। अब तक बिहार में 828.7 MM बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 537.6 MM बारिश ही हुई है।
इस तरह राज्य में औसत से करीब 35% कम बारिश हुई है। आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से इस कमी में कुछ सुधार की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल राज्य की कुल बारिश सामान्य से काफी नीचे बनी हुई है।