Updated On: Jul 12, 2026 | 04:53 PM IST
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सार
India China Border Trade: भारत और म्यांमार के बीच करीब 6 साल बाद पैंगसाऊ दर्रे से 20 जुलाई से सीमा व्यापार फिर शुरू होगा। इससे स्थानीय कारोबार, रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

भारत-म्यांमार सीमा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
India Myanmar Border Trade: भारत-म्यांमार के रिश्तों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारत और म्यांमार के बीच करीब 6 साल से बंद पड़े सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने की तैयारी चल रही है। यह व्यापार पैंगसाऊ दर्रे से होगा। 9 जुलाई को दोनों देशों के व्यापारिक संगठनों के बीच बैठक के बाद 20 जुलाई से सीमा व्यापार फिर से शुरू होने जा रहा है।
दोनों देशों के बीच फ्री मूवमेंट रिजीम के तहत सीमा व्यापार होता था। इसमें सीमा के दोनो तरफ 10 किलोमीटर तक के दायरे में रहने वाले लोगों को सीमा पार के लेन-देन और स्थानीय व्यापार करने की अनुमति दी जाती है।
कोविड महामारी में बंद हुआ था व्यापार
बता दें, दोनों देशों के बीच सीमा व्यापार 3 फरवरी, 2020 को कोविड महामारी के कारण बंद कर दिया गया था। अब करीब 6 साल के बाद दोनों देशों के बीच सीमा व्यापार को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है। 9 जुलाई को दोनों देशों के स्थानीय व्यापार प्रतिनिधियों के बीच अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में बैठक हुई थी। इस बैठक में दोनों सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने पर फैसला लिया गया।
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सीमा व्यापार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
सीमा व्यापार को लेकर एक भारतीय स्थानीय व्यापार संगठन के अध्यक्ष जोंगखम मोरांग ने मीडिया से बात की। सीमा व्यापार फिर से शुरू होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस कदम से कोविड महामारी के दौरान खोई हुई हमारी आजीविका वापस आएगी। स्थानीय विधायक लैसम सिमाई ने भी सीमा व्यापार का समर्थन करते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों के लिए व्यापारिक अवसर खुलेंगे। साथ ही यहां के निवासियों और छोटे व्यापारियों की आजीविका में भी सुधार आएगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भारत-चीन सीमा व्यापार पर आया अपडेट
भारत-म्यांमार सीमा व्यापार के साथ ही भारत-चीन सीमा व्यापार पर भी नया अपडेट सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार को लेकर आधिकारिक सहमति के बाद भी अभी व्यापार शुरू नहीं हो पाया है। करीब एक महीने से अधिक समय बीत चुका है। यह व्यापार लिपुलेख दर्रे से होगा।
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प्राप्त जानकारी के मुताबिक, व्यापार को लेकर भारतीय व्यापारियों से चीनी अधिकारियों ने तिब्बत स्थित तकलाकोट में निर्माणाधीन नए गोदाम और बाजार के पूरा होने तक इंतजार करने के लिए कहा गया है। चीन और भारत के बीच लिपुलेख दर्रे से व्यापार कोविड-19 के कारण 2020 से ही बंद पड़ा है। अब करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से इसे शुरू करने का प्लान है।।
