सार्वजनिक तेल कंपनियों ने जेट ईंधन (ATF) के दाम 6.28 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। लगातार दूसरे महीने ATF महंगा होने से क्या हवाई यात्रा पर असर पड़ेगा?
सार्वजनिक तेल कंपनियों ने जेट ईंधन (ATF) के दाम 6.28 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। (Ai Image)
- Published: 01 Sep 2026, 12:22 PM IST
- Last Updated: 01 Sep 2026, 12:22 PM IST
ATF price hike: देश के विमान यात्रियों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तगड़ा इजाफा किया है। घरेलू एयरलाइंस के लिए जेट ईंधन के दाम 6.28 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं।
इस बढ़ोतरी के बाद अब ATF की दरें 115 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई हैं, जो कि लगभग 5.46 प्रतिशत की सीधी बढ़त को दर्शाता है। साल 2026 की शुरुआत में मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में उपजे संघर्ष और तनाव के बाद से जेट ईंधन की कीमतों में लगातार भारी तेजी देखने को मिल रही है।
कब-कब बढ़े या घटे दाम?
सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, घरेलू विमानन कंपनियों को अब ईंधन के लिए अधिक भुगतान करना होगा। यह लगातार दूसरा महीना है जब ATF की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले 1 अगस्त 2026 को भी जेट ईंधन के दामों में 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। हालांकि, इससे पहले जुलाई के महीने में कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की राहत दी गई थी, लेकिन ताजा बढ़ोतरी ने उस राहत को बेअसर कर दिया है।
क्या अब महंगी हो जाएंगी विमान यात्राएं?
भारत में किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च (ऑपरेटिंग एक्सपेंडिचर) का लगभग 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा केवल जेट ईंधन पर खर्च होता है, जो विमान कंपनियों के लिए सबसे बड़ा लागत कारक है। ईंधन के दाम बढ़ने से एयरलाइंस का ऑपरेशनल खर्च सीधे तौर पर बढ़ जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि एयरलाइंस इस बोझ को कम करने के लिए हवाई किराए में इजाफा कर सकती हैं। हालांकि, फ्लाइट के टिकट के दाम यात्रियों की मांग, एयरलाइंस के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा और सीटों की उपलब्धता जैसे अन्य कारकों पर भी निर्भर करते हैं।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर भी हुआ महंगा
सिर्फ जेट ईंधन ही नहीं, बल्कि कमर्शियल उपयोग वाले गैस सिलेंडरों के दाम में भी इजाफा हुआ है। 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 2,738 रुपये से बढ़कर 2,747.50 रुपये का हो गया है। इसके अलावा, 5 किलोग्राम वाले मार्केट-प्राइस कुकिंग गैस सिलेंडर (5-kg FTL) की कीमत भी 762 रुपये से बढ़ाकर 764 रुपये कर दी गई है।
गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले जुलाई और 1 अगस्त को कमर्शियल एलपीजी के दामों में लगातार दो बार बड़ी कटौती की गई थी, लेकिन इस बार कीमतों को हल्का झटका दिया गया है।
विंडफॉल टैक्स में हालिया कटौती
दूसरी ओर, सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में (15 अगस्त से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए) पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल गेन्स टैक्स में कटौती की थी। ATF के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) को 22 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था।
वहीं, डीजल के निर्यात पर लगने वाले SAED को भी 25.5 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर किया गया था। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने 27 मार्च को डीजल और ATF के निर्यात पर यह शुल्क लगाया था, जिसकी समीक्षा हर पखवाड़े की जाती है।