चित्तौड़गढ़ में फिर एक्टिव हुआ मानसून: सबसे ज्यादा राशमी में 67MM बारिश दर्ज, 30 जुलाई तक जिले में बारिश का जारी दौर रहेगा - Chittorgarh News

Published on 28 जुल॰ 2026

चित्तौड़गढ़ में मौसम ने एक बार फिर से करवट ली है। मंगलवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। जिससे मौसम ठंडा हो गया। हालांकि बारिश नहीं हुई। जिससे कारण से नमी बढ़ने से उमस लोगों को परेशान कर रही है।

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मौसम विभाग का कहना है कि अब मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। 30 जुलाई तक जिले में लगातार बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी मौसम में बदलाव का इंतजार है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस लगातार बढ़ती जा रही थी।

तापमान बढ़ा, उमस ने परेशानी बढ़ाई

पिछले कुछ दिनों में जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बादल आने के बावजूद अच्छी बारिश नहीं होने से हवा में नमी बढ़ गई और लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटे में जिले का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इससे पहले 48 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस था। तापमान में आए इस बदलाव के कारण दिन में गर्मी ज्यादा महसूस हुई।

सुबह से बादल छाए रहने के बावजूद मौसम पूरी तरह राहत देने वाला नहीं बन पाया, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में लगातार बारिश होने से तापमान में गिरावट आएगी और उमस से भी राहत मिलेगी।

आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

सोमवार को जिले में औसतन 4 एमएम बारिश दर्ज

सोमवार को जिले में औसतन 4 एमएम बारिश दर्ज की गई, लेकिन बारिश पूरे जिले में एक जैसी नहीं हुई। सबसे ज्यादा 67 एमएम बारिश राशमी क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा गंगरार में 48 एमएम, भोपालसागर में 31 एमएम और कपासन में 8 एमएम बारिश हुई।

बाकी अधिकांश इलाकों में बारिश नहीं होने से लोग अच्छी बरसात का इंतजार करते रहे। मौसम विभाग का मानना है कि अब मानसून की गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी और अगले तीन दिन जिले के ज्यादा हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।

अगर अनुमान सही रहा तो खेतों में नमी बढ़ेगी, जलाशयों में पानी की आवक तेज होगी और लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को भी राहत मिलेगी। फिलहाल आसमान में छाए बादल इसी बदलाव का संकेत दे रहे हैं।