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अयोग्य राशन कार्डधारियों की पहचान और सत्यापन की कार्रवाई के बीच जिले में करीब 10 हजार राशन कार्ड डिलीट किए जा चुके हैं। विभागीय सत्यापन में इन कार्डधारियों को निर्धारित पात्रता के दायरे में नहीं पाया गया। कार्ड डिलीट होने के बाद अब ऐसे लाभुकों से पूर्व में लिए गए सरकारी खाद्यान्न की राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जिले में अब तक 683 कार्डधारियों को जुर्माना वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है। इनमें 50 पीला और 633 लाल राशन कार्डधारी शामिल हैं। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुसार शेष अयोग्य कार्डधारियों को भी नोटिस भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इससे आने वाले दिनों में नोटिस पाने वाले लाभुकों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं करीब 50 लोगों ने स्वयं राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए विभाग में आवेदन दिया है।
विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य अपात्र लोगों को खाद्यान्न योजना के लाभ से बाहर करना और सरकारी खाद्यान्न का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। सत्यापन में अपात्र पाए गए परिवारों के राशन कार्ड डिलीट किए जा रहे हैं। वहीं, जिन लोगों ने पात्रता नहीं होने के बावजूद सरकारी खाद्यान्न का लाभ लिया है, उनसे नियमानुसार राशि की वसूली के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। लाल कार्ड में प्रति सदस्य 5 किलो, पीले में 35 किलो अनाज: सरकारी प्रावधान के अनुसार लाल राशन कार्डधारी को प्रति सदस्य 5 किलो अनाज मिलता है। यानी परिवार में जितने अधिक सदस्य होंगे, आवंटित अनाज की मात्रा उतनी ही बढ़ेगी। वहीं पीले राशन कार्ड पर सदस्य संख्या के आधार पर अनाज नहीं मिलता है। इस कार्ड पर परिवार के सदस्यों की संख्या कितनी भी हो, 35 किलो अनाज देने का प्रावधान है। आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा (जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में ₹2 लाख और शहरी क्षेत्रों में ₹3 लाख, राज्यवार भिन्न) से अधिक होना। वाहन: परिवार के किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन (कार/ट्रैक्टर) होना। पक्का मकान: पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या शहरी क्षेत्र में 100 वर्ग मीटर से बड़ा पक्का मकान होना।सरकारी नौकरी/आयकर: परिवार में कोई सदस्य सरकारी सेवा में हो या आयकर दाता हो। व्यावसायिक उपकरण: रेफ्रिजरेटर, एसी या 5 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर होना। कार्ड रद्दीकरण: स्क्रूटनी और वेरिफिकेशन के बाद अवैध पाए गए सभी राशन कार्ड तुरंत रद्द किए जा रहे हैं। ^अयोग्य पाए गए और रद्द किए गए राशन कार्डधारियों से जुर्माना वसूली के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। अब तक 683 कार्डधारियों को नोटिस भेजा जा चुका है। शेष लोगों को भी नोटिस भेजने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित लाभुकों को जुर्माने की राशि चालान के माध्यम से जमा करनी होगी।^ -नीतू सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी चतरा ।