रवींद्र जडेजा ने 7 दिन बाद लिया श्रीलंका के खिलाड़ी से बदला, सूंघ गया सांप

Published on 25 अग॰ 2026

Pasindu Sooriyabandara: शतक चूकने पर बल्लेबाज को बहुत दुख होता है और अगर वो टेस्ट शतक हो तो इसका दुख एक अलग ही लेवल का होता है. कुछ ऐसा ही दुख, कष्ट और पीड़ा श्रीलंकाई बल्लेबाज पासिंदु सूर्याबंडारा को झेलनी पड़ी. सूर्याबंडारा कोलंबो टेस्ट में कमाल बैटिंग कर रहे थे और ऐसा लग रहा था कि ये खिलाड़ी अपने करियर की दूसरी टेस्ट पारी में ही शतक लगा देगा लेकिन रवींद्र जडेजा ने उनके सपने को तोड़ दिया. जडेजा ने इस बल्लेबाज को 45वें ओवर की आखिरी गेंद पर बोल्ड कर दिया. इस विकेट के साथ ही जडेजा ने 7 दिन पहले का बदला भी ले लिया.

पासिंदु सूर्याबंडारा से जडेजा का बदला पूरा

पासिंदु सूर्याबंडारा कोलंबो टेस्ट में कमाल बैटिंग कर रहे थे. चौथे नंबर पर बैटिंग करने उतरे इस बल्लेबाज ने बेहतरीन आक्रामक अदाज में बैटिंग की. ये खिलाड़ी अपनी डेब्यू पारी में पहली गेंद पर आउट हो गया था लेकिन कोलंबो में उन्होंने अपने डिफेंस और आक्रमण दोनों से काफी प्रभावित किया. 9 चौकों की मदद से ये खिलाड़ी 80 रनों तक पहुंच गया और ऐसा लगा कि ये खिलाड़ी अब शतक लगाकर ही दम लेगा. लेकिन फिर रवींद्र जडेजा की एक गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर विकेट में जा घुसी, नतीजा मेंडिस शतक चूक गए.

शतक चूकने के बाद मेंडिस बेहद निराश हुए लेकिन जडेजा खुश थे क्योंकि उनका बदला पूरा हो गया था. बता दें पिछले टेस्ट मैच में जडेजा का पासिंदु सूर्याबंडारा ने बेहतरीन कैच लपका था. उन्होंने आक्रामक जश्न भी मनाया था लेकिन जडेजा ने उन्हें बोल्ड कर हिसाब चुकता कर दिया.

सूर्याबंडारा और सोनल ने किया इंप्रेस

सूर्याबंडारा ने तो बेहतरीन पारी खेल सभी को इंप्रेस किया ही लेकिन उनके साथ-साथ सोनल दिनुषा ने भी कमाल की पारी खेली. ये खिलाड़ी तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 85 रनों पर नाबाद रहा. दिनुषा ने सीरीज में लगातार तीसरी बार फिफ्टी प्लस की पारी खेली है. चौथे दिन ये खिलाड़ी इस सीरीज में अपने दूसरे शतक तक पहुंच सकता है. मैच की बात करें तो श्रीलंका की टीम ने पहली पारी में अबतक 265 रन बना लिए हैं और टीम इंडिया के पास अभी भी 238 रनों की लीड है.

अनूप देव सिंह

अनूप देव सिंह

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल  2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.

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