मुजफ्फरपुर : नाबालिगों को झांसा देकर बंधक बनाने व जबरन देह व्यापार कराने वाले गिरोह का खुलासा, 7 गिरफ्तार

Published on 25 सित॰ 2026

Muzaffarpur :  मुजफ्फरपुर पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को अच्छे जीवन का झांसा देकर अपने साथ ले गए और बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार कराने वाले गिरोह का खुलासा किया है. मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही पटना के रामकृष्ण नगर और मुजफ्फरपुर के पताही इलाके से दो नाबालिग किशोरियों को बरामद भी किया गया है.

मुख्य सरगना की तलाश में छापेमारी

मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, जांच के दौरान गिरोह का मुख्य सरगना समेत दो अन्य आरोपियों की पहचान हो गई है. हालांकि तीनों अभी फरार हैं. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. 

मुजफ्फरपुर से चार आरोपी गिरफ्तार, एक किशोरी भी बरामद

मामला मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र से जुड़ा है. 28 फरवरी को 17 वर्षीय किशोरी के लापता होने के बाद उसकी मां ने थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसके बाद पुलिस ने किशोरी की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई.

जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों से किशोरी के पटना के रामकृष्ण नगर में होने की जानकारी मिली. पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर किशोरी को बरामद किया और मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ के बाद पटना से एक और किशोरी बरामद

गिरफ्तार आरोपियों में वैशाली निवासी बिट्टू कुमार, कथैया निवासी शमीता कुमारी, पटना के दीघा निवासी सुजीत कुमार और रामकृष्ण नगर की मकान मालकिन गिरिजा यादव शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने पर पुलिस को मुजफ्फरपुर के पताही इलाके में एक और किशोरी को बंधक बनाए जाने की जानकारी मिली.

इसके बाद पुलिस टीम ने पताही में छापेमारी की और दूसरी किशोरी को भी बरामद कर लिया. मौके से पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में अनीता कुमारी, पारू निवासी आशीष कुमार और हथौड़ी निवासी भूषण झा शामिल हैं. 

मेले से बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, किशोरी ने पूछताछ में बताया कि गांव की रहने वाली शमीता कुमारी उसे हरदी मेले से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी. आरोप है कि इसके बाद उसे मुजफ्फरपुर के एक घर में बंद कर दिया गया और जबरन देह व्यापार में धकेला गया.

किशोरी के अनुसार, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और जान से मारने की धमकी दी जाती थी. बाद में उसे मुजफ्फरपुर से पटना ले जाया गया, जहां रामकृष्ण नगर में उसे बंधक बनाकर रखा गया.