8 थार, 12 ट्रैक्टर और 175 बाइक सहित 200 वाहन जीते, 1500 मेडल भी किए थे अपने नाम... बैलगाड़ी दौड़ के 'कोहिनूर' ओम्या का निधन

Published on 30 अग॰ 2026

Maharashtra Bullock Cart Racing Legend Omya Dies: महाराष्ट्र में पुणे के मावल तालुका के पहले ‘भारत केसरी’ के रूप में प्रसिद्ध बैल ‘ओम्या’, जिसने अपने दमदार प्रदर्शन से पूरे प्रदेश में बैलगाड़ी दौड़ के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई थी, उसका निधन हो गया. 27 अगस्त को दोपहर के आसपास उसका दुखद निधन हुआ. ओम्या के निधन से मावल तालुका में बैलगाड़ी मालिकों और उसके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है.

मावल तालुका बैलगाड़ी दौड़, कुश्ती और रथ दौड़ जैसे पारंपरिक खेलों और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है. बैलगाड़ी दौड़ में ओम्या ने अपनी गति और दमदार प्रदर्शन से पूरे महाराष्ट्र में प्रसिद्धि हासिल की थी. हजारों बैलगाड़ी प्रेमी मैदान में ओम्या की दौड़ देखने के लिए उमड़ पड़ते थे. ओम्या प्रतिद्वंद्वी बैलगाड़ियों को हराकर अपने मालिक का गौरव बढ़ाता था.

ओम्या को दी गई अंतिम विदाई

ओम्या की गति, दौड़ने की शैली और फुर्ती के कारण मैदान में मौजूद प्रेमियों के बीच एक विशेष उत्साह का माहौल बन जाता था. सैकड़ों बैलगाड़ी प्रेमियों की उपस्थिति में ओम्या को अंतिम विदाई दी गई. इस अवसर पर बैलगाड़ी मालिक रामनाथ वारिंगे को रोते देखकर उपस्थित लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए. कई गणमान्य व्यक्तियों ने ओम्या को श्रद्धांजलि अर्पित की और उसे मावल का गौरव बताया.

बैलगाड़ी दौड़ के मैदान में ओम्या की गति, दृढ़ संकल्प और छाप हमेशा याद रहेगी. मावल का ‘भारत केसरी’ ओम्या वारंगवाड़ी के रामनाथ वारिंगे का प्रसिद्ध बैल था. पिछले 9 वर्षों से ओम्या ने महाराष्ट्र की विभिन्न बैलगाड़ी दौड़ में अपनी गति का दबदबा कायम रखा था. अब बैलगाड़ी दौड़ के प्रेमी अपने प्रिय ओम्या की तेज दौड़ नहीं देख पाएंगे. बैलगाड़ी दौड़ में ओम्या के नाम कई प्रतिष्ठित जीत दर्ज थीं.

ओम्या ने जीते ये पुरुस्कार

विभिन्न प्रतियोगिताओं में ओम्या ने 2 जेसीबी, 8 थार, बोलेरो, 12 ट्रैक्टर, 3 बोलेरो, 175 बाइक, 25 चांदी के गदा और 1500 से अधिक पदक जीते थे. इसके अलावा ओम्या ने बुलेट, स्वर्ण पदक और नकद जैसे कई पुरस्कार भी जीते थे. ओम्या को ‘मावल किंग’, ‘भारत केसरी’, ‘महाराष्ट्र केसरी’, ‘मावल की राजधानी एक्सप्रेस’, ‘तूफानी गति का बेताज बादशाह’ और ‘बैलगाड़ी क्षेत्र का कोहिनूर’ जैसे नामों से पुकारा जाता था.

ओम्या को साल 2024 में मावल महोत्सव में बैलगाड़ी दौड़ के राजा ओम्या को मावल किंग के रूप में विशेष रूप से सम्मानित किया गया था. मावल के बैलगाड़ी दौड़ के मैदान में ओम्या की गति, दृढ़ संकल्प और सफलता को बैलगाड़ी प्रेमी हमेशा याद करेंगे. ओम्या के निधन से मावल बैलगाड़ी दौड़ के मैदान में खालीपन आ गया है. प्रशंसकों ने व्यक्तिगत रूप से और सोशल मीडिया पर ओम्या को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

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वरुण कुमार

वरुण कुमार

वरुण कुमार पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता जगत का हिस्सा हैं. साल 2021 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद प्रभासाक्षी न्यूज वेबसाइट से पत्रकारिता की शुरुआत की और फिर एबीपी न्यूज का हिस्सा बने. अब TV9 डिजिटल की धर्म टीम के साथ काम कर रहे हैं.

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