Aug 28, 2026 05:40 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

मुख्य बातें
- हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वेतन आयोग किस फिटमेंट फॉर्मूले की सिफारिश करता है
- अलग-अलग संगठनों ने 3.61, 3.833 और 4.00 के प्रस्ताव दिए हैं

आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार
8th pay commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। वेतन आयोग अपनी सिफारिशें अगले साल की पहली छमाही तक सौंप सकता है। हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वेतन आयोग किस फिटमेंट फॉर्मूले की सिफारिश करता है। इससे पहले, तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। आइए जानते है कि क्या प्रस्ताव है।
कितना फिटमेंट का प्रस्ताव?
इस बार, महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन की लागत और स्वास्थ्य सेवा के खर्चों को देखते हुए कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों ने ज्यादा फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है। अलग-अलग संगठनों ने 3.61, 3.833 और 4.00 के प्रस्ताव दिए हैं। बता दें कि फिटमेंट फैक्टर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सबसे ज्यादा ध्यान दिए जाने वाले मुद्दों में से एक है। छठे और सातवें वेतन आयोग के तहत सरकार ने क्रमशः 1.86 और 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया था।
किसका क्या है प्रस्ताव?
सर्वे ऑफ इंडिया के मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (MSA) ने 3.61 का फिटमेंट प्रस्तावित किया है, जिससे न्यूनतम मूल वेतन (बेसिक पे) बढ़कर लगभग ₹64,980 या ₹65,000 हो जाएगा। वहीं, नेशनल काउंसिल JCM स्टाफ़ साइड और भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने 3.833 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है। मौजूदा ₹18,000 के न्यूनतम मूल वेतन पर इसे लागू करने से मूल वेतन लगभग ₹69,000 हो जाएगा। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने 4.00 का फिटमेंट फैक्टर मांगा है, जिससे न्यूनतम मूल वेतन ₹72,000 हो जाएगा।
इन प्रस्तावों का क्या मतलब हो सकता है?
लेवल 1 पर मौजूदा ₹18,000 के मूल वेतन पर 3.61 का फैक्टर लगाने से ₹64,980 मिलते हैं। वहीं, 3.833 फॉर्मूल से लगभग ₹69,000 और 4.00 से ₹72,000 मिलते हैं। इसलिए, लेवल 1 पर मूल वेतन में 3.61 और 4.00 के प्रस्तावों के बीच लगभग ₹7,020 प्रति माह का अंतर है। कहने का मतलब है कि प्रस्तावित फिटमेंट का पेंशन और मूल वेतन से जुड़े अन्य सेवानिवृत्ति लाभों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम प्रभाव 8वें वेतन आयोग के वेतन मैट्रिक्स और अन्य सिफारिशों पर निर्भर करेगा।
गठन को 10 महीने
3 सितंबर 2026 को 8वें वेतन आयोग के गठन (3 नवंबर 2025) के बाद से दस महीने पूरे हो जाएंगे। आयोग की बातचीत और चर्चाएं अब एक अहम चरण में पहुंच गई हैं और आने वाले महीनों में जयपुर, चंडीगढ़, पुडुचेरी और बेंगलुरु में बैठकें होनी हैं। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले 8वें वेतन आयोग को केंद्रीय कैबिनेट ने वेतन संशोधन, भत्ते, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन सुधारों पर अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है।