80th Independence Day: 'देश को बांटने वाली ताकतों से रहें सतर्क'; 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा संदेश - Haribhoomi

Published on 15 अग॰ 2026

80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ध्वजारोहण किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 80वां स्वाधीनता दिवस केवल एक रस्म या समारोह नहीं, बल्कि हर नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग करने और देश को विखंडित करने वाली ताकतों से सतर्क रहने का पावन संकल्प है।

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सीएम योगी आदित्यनाथ

  • Published: 15 Aug 2026, 10:50 AM IST
  • Last Updated: 15 Aug 2026, 10:50 AM IST

80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समूचा उत्तर प्रदेश देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति के रंगों में सराबोर नजर आया। राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 5, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर तिरंगा फहराया और इसके बाद विधानभवन के मुख्य प्रांगण में गरिमामय समारोह के बीच ध्वजारोहण किया।

समारोह में पहली बार राष्ट्रगीत का भव्य गायन हुआ और विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों और पदक विजेताओं के परिजनों को सम्मानित करते हुए देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता पर विस्तार से अपनी बात रखी।

79 वर्षों की यात्रा और 80वें स्वाधीनता दिवस का राष्ट्रीय संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आज भारत अपनी आजादी के 79 वर्ष पूरे कर 80वें स्वाधीनता दिवस में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पावन दिवस सिर्फ एक औपचारिक उत्सव या ध्वजारोहण कार्यक्रम तक सीमित रहने का अवसर नहीं है। यह ऐतिहासिक दिन हर भारतीय नागरिक को संपूर्ण आजादी के लक्ष्यों को प्राप्त करने और राष्ट्र निर्माण में अपने नागरिक कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की नई प्रेरणा देता है।

140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भागीदारी से सुरक्षित रहेगी आजादी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशवासियों और प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि यदि हमें देश की इस आजादी को लंबे समय तक अक्षुण्ण बनाए रखना है, तो यह दायित्व किसी एक व्यक्ति, संप्रदाय या जाति विशेष का नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों को सामूहिक रूप से इस राष्ट्रीय प्रयास को आगे बढ़ाना होगा और हर व्यक्ति को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा व समानता के साथ अपना योगदान देना होगा।

अंतर्विरोधों और षड्यंत्रों के कारण गुलाम हुआ था देश, लेकिन कभी नहीं मानी हार
अपने संबोधन में इतिहास के पन्नों को पलटते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत माता के महान सपूतों और बलिदानियों के अनवरत त्याग व तपस्या के बल पर ही आज हमें यह खुली हवा में सांस लेने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक सत्य है कि आपसी अंतर्विरोधों, फूट और विदेशी षड्यंत्रों के कारण यह महान देश कभी गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा गया था। लेकिन, भारत की आत्मा और यहां के जनमानस ने अपने मन व मस्तिष्क से कभी भी पराधीनता को स्वीकार नहीं किया।

1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर था आजादी का पहला सामूहिक पड़ाव
मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता आंदोलन की निरंतरता को रेखांकित करते हुए कहा कि गुलामी के पूरे कालखंड में देश के अलग-अलग क्षेत्रों, अंचलों और कालखंडों में विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ निरंतर संघर्ष और आंदोलन होते रहे। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम को याद करते हुए कहा कि यह क्रांति सामूहिक रूप से भारतीय राष्ट्र चेतना का पहला सबसे महत्वपूर्ण और संगठित पड़ाव थी, जिसने ब्रिटिश हुकूमत की जड़ों को हिलाकर रख दिया था।

देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ सतर्कता और विकसित भारत का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने वर्तमान वैश्विक और राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में समाज को आगाह करते हुए कहा कि देश के भीतर और बाहर सक्रिय विघटनकारी व विभाजनकारी ताकतों से हर नागरिक को निरंतर सजग और सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश अपनी पूरी जनशक्ति और सामर्थ्य के साथ अग्रणी भूमिका निभा रहा है। विकास, सुरक्षा, सुशासन और सर्वसमावेशी नीतियों के जरिए समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाकर ही हम अमर बलिदानियों के सपनों का भारत बना सकते हैं।