'डर के मारे सोने का नाटक करता रहा', 'लॉक अप-2' में हर्षद चोपड़ा का चौंकाने वाला खुलासा| Navbharat Live

Published on 29 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 29, 2026 | 10:08 AM IST

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सार

Harshad Chopda Emotional Story: पॉपुलर टीवी एक्टर हर्षद चोपड़ा ने रियलिटी शो में अपने बचपन के डरावने अनुभव को शेयर करते हुए माता-पिता के लिए बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक अहम संदेश दिया है।

Harshad Chopda Lock Upp 2

हर्षद चोपड़ा (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

विस्तार

Harshad Chopda Lock Upp 2: रियलिटी शो के स्टेज पर अक्सर सितारों की पर्सनल लाइफ के कई पन्ने खुलते हैं, लेकिन हाल ही में जब चर्चित एक्टर हर्षद चोपड़ा ने अपने अतीत के पन्नों को पलटा, तो वहां मौजूद हर शख्स का दिल दहल गया। लॉक अप 2 के एक खास पड़ाव पर उन्होंने बचपन में हुए यौन शोषण का भयानक सच बताया। यह दर्द उन्होंने कई सालों से अपने अंदर दबा रखा था। उनकी इस आपबीती ने न केवल वहां खड़े साथी कलाकारों को रुला दिया, बल्कि पूरे देश के माता-पिता को एक गंभीर और विचारणीय संदेश भी दे दिया।

लॉक अप 2 शो के एक कठिन टास्क के दौरान प्रतिभागियों को अपनी लाइफ का सबसे बड़ा गुप्त राज उजागर करना था। इसी दौरान हर्षद चोपड़ा ने भारी मन से खुलासा किया कि जब वह महज 9 या 10 साल के थे, तब उनके साथ यह शर्मनाक हादसा हुआ था। बचपन में उनका निकनेम मोनू हुआ करता था। उनके माता-पिता ने एक ऐसे इंसान पर भरोसा करके उन्हें अकेला छोड़ दिया था, जिस पर पूरा समाज आंखें बंद करके विश्वास करता था। उसी भरोसे की आड़ में उस व्यक्ति ने दरिंदगी को अंजाम दिया।

डर के उस खौफनाक मंजर में सिमटा मासूम

अपनी आपबीती सुनाते हुए हर्षद चोपड़ा की आवाज कांप रही थी और आंखें पूरी तरह से नम थीं। उन्होंने बताया कि उस रात वह पूरे कपड़े पहनकर अपने बिस्तर पर लेटे हुए थे। तभी उस शख्स ने उनके साथ बेहद गलत हरकत की।

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उस छोटी सी उम्र में उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि उनके साथ क्या हो रहा है। डर इतना ज्यादा था कि वह डर के मारे चीख भी नहीं सके और केवल आंखें बंद करके सोने का नाटक रचते रहे। बाद में आरोपी ने बालकनी में कुछ दिखाने का झांसा देकर उन्हें दोबारा बुलाया और अपनी घटिया हरकत को दोहराया।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता से खास अपील

इस इमोशनल दास्तान के साथ ही हर्षद चोपड़ा देश भर के माता-पिता के लिए एक बेहद संवेदनशील और जरूरी सलाह साझा की। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को कभी भी किसी रिश्तेदार या परिचित पर जरूरत से ज्यादा भरोसा नहीं करना चाहिए।

बच्चों को किसी के पास भी अकेला छोड़ने से बचना चाहिए और उनके साथ हमेशा दोस्ताना संवाद बनाए रखना चाहिए। अगर बच्चे मन की बात खुलकर कह पाएंगे, तभी समाज में छिपे ऐसे दरिंदों का नकाब उतर सकेगा।

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हर्षद चोपड़ा की यह दुखद दास्तान सुनकर शो में मौजूद एक्टर शिवांगी जोशी और अभिनेता राम कपूर अपने आंसू रोक नहीं पाए। पूरा माहौल गमगीन हो गया क्योंकि राम कपूर खुद भी अपने बचपन के ऐसे ही कड़वे और दर्दनाक पलों का सामना कर चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बचपन के जख्म उम्र बीत जाने के बाद भी इंसान के दिल में हमेशा गहरे बने रहते हैं।

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