Updated On: Jul 30, 2026 | 03:21 PM IST
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सार
Kanwar Yatra Meat Ban:सावन 2026 में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर Delhi, UP और MP में कांवड़ मार्गों व मंदिरों के पास मांस बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। नियम तोड़ने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगेगा।

कांवड़ यात्रा (सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Delhi MCD Strict Orders On Meat Shops Near Kanwar Camps: भगवान शिव के पावन महीने सावन 2026 के आगमन के साथ ही देश भर में कांवड़ यात्रा की धूम शुरू हो गई है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं। श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकारों ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस बार कांवड़ मार्गों, शिव मंदिरों और शिविरों के आसपास मीट, मछली और अंडे की दुकानों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
दिल्ली में ‘नो मीट’ ज़ोन
देश की राजधानी दिल्ली में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपने सभी 12 जोनों में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कांवड़ मार्गों और शिविरों के आसपास चल रही अवैध मांस की दुकानों को तत्काल बंद कराया जाए। गौरतलब है कि दिल्ली में 300 से अधिक कांवड़ शिविर लगाए जाते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई लाइसेंसधारी दुकानदार भी मुख्य मार्गों पर नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में सख्त पाबंदी
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए कई जिलों में विशेष आदेश लागू किए हैं। हापुड़ में कांवड़ मार्ग के आसपास मांस, मछली और अंडे की दुकानें 30 जुलाई से 28 अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेंगी।
वाराणसी में बाबा विश्वनाथ की नगरी में प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अवैध मांस की दुकानें बंद रहेंगी। भीड़भाड़ को देखते हुए कई दुकानों को शहर के बाहर निर्धारित बाजारों में शिफ्ट कर दिया गया है। गाजियाबाद के लोनी और हिंडन एयरपोर्ट क्षेत्र में बूचड़खाने और मांसाहारी होटल बंद रखने के निर्देश हैं। वहीं, प्रयागराज-जौनपुर मार्ग पर मांस के साथ-साथ शराब की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।
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मध्य प्रदेश में मंदिरों के पास पाबंदी
मध्य प्रदेश में नियम थोड़े अलग लेकिन सख्त हैं। पूरे राज्य में पूर्ण प्रतिबंध नहीं है लेकिन धार्मिक स्थलों और कांवड़ मार्गों के लिए विशेष गाइडलाइंस हैं।
उज्जैन में महाकाल मंदिर की नगर निगम सीमा के भीतर मांस और मछली की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। धार्मिक स्थल या बड़े शिव मंदिरों के 200 से 500 मीटर के दायरे में मांस की दुकानें संचालित नहीं की जा सकेंगी।
भोपाल और इंदौर जैसे महानगरों में दुकानें बंद तो नहीं होंगी, लेकिन खुले में मांस दिखाने या बेचने पर सख्त पाबंदी है। दुकानदारों को शीशे या परदे के पीछे से ही व्यापार करना होगा।
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नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज: ₹10,000 तक का जुर्माना
प्रशासन ने केवल नियम ही नहीं बनाए हैं, बल्कि इनके उल्लंघन पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया है। मध्य प्रदेश में प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा दुकान को सील करने और कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी विशेष टीमें लगातार गश्त कर रही हैं ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
इन सभी प्रबंधों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था को सुरक्षित रखते हुए सावन के इस पवित्र उत्सव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।
