हम देखेंगे… CJP प्रदर्शन में युवाओं पर आंसू गैस चलाने पर भड़के रोहित पवार, बोले- अब सरकार का रोना तय है| Navbharat Live

Published on 20 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 20, 2026 | 03:18 PM IST

विज्ञापन

सार

NCP Rohit Pawar Statement: CJP प्रदर्शन में युवाओं पर आंसू गैस छोड़े जाने पर रोहित पवार ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। फैज की नज्म हम देखेंगे के साथ पवार ने कहा कि अब सरकार का रोना तय है।

rohit pawar slams center cjp protest tear gas youth

रोिकत पवार (सोर्स: डिजाइन फोटो)

विस्तार

Rohit Pawar Slams Center: देश के राजनीतिक परिदृश्य में युवाओं का बढ़ता असंतोष अब एक नए और उग्र मोड़ पर आ गया है। हाल ही में सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान जिस तरह से प्रदर्शनकारी युवाओं को संसद तक जाने से रोका गया और उन पर आंसू गैस के गोले बरसाए गए, उसने देश भर के विपक्षी नेताओं को आक्रोशित कर दिया है।

इस दमनकारी कार्रवाई पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार के विधायक और युवा चेहरा रोहित पवार ने सरकार को सीधी चेतावनी दे डाली है।

आवाज दबाने की कोशिश होगी नाकाम

रोहित पवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार के दमनकारी रवैये पर निशाना साधा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि अश्रुगैस के गोले फोड़कर देश की युवा पीढ़ी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, बल्कि प्रशासन की यह कार्रवाई इस आवाज को और भी बुलंद करने का काम करेगी। उनका मानना है कि युवाओं के संघर्ष को बल प्रयोग से खत्म करना संभव नहीं है।

सम्बंधित ख़बरें

तानाशाही सरकार को तीखी चेतावनी

सरकार की कार्यशैली पर सीधा प्रहार करते हुए पवार ने इसे तानाशाही प्रवृत्ति और निष्ठुर करार दिया। उन्होंने एक अत्यंत रोचक और प्रतीकात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासन ने भले ही धुआं आंदोलनकारी युवाओं पर छोड़ा हो, लेकिन इस क्रूर सरकार की आंखों में आंसू आना अब तय है। पवार के इस कटाक्ष का स्पष्ट अर्थ है कि युवाओं पर किया गया यह अत्याचार अंततः सरकार के पतन या भारी राजनीतिक नुकसान का कारण बनेगा। उन्होंने युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश करने वाली केंद्र सरकार का कड़े शब्दों में सार्वजनिक निषेध भी किया है।

‘अश्रुधूरांचे नळकांडे फोडून देशातील तरुणाईचा आवाज दाबला जाणार नाही तर तो अजून बुलंद होईल… आणि धूर आंदोलकांवर सोडला तरी पाणी मात्र हुकूमशाही वृत्तीच्या निष्ठूर सरकारच्या डोळ्यात आल्याशिवाय राहणार नाही…!’
दडपशाहीच्या माध्यमातून तरुणाईचा आवाज दाबू पाहणाऱ्या केंद्र सरकारचा जाहीर… pic.twitter.com/SboP4VC7jW — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) July 20, 2026

फैज अहमद फैज के शब्दों में विद्रोह का सुर

अपने विरोध को और अधिक धार देने और युवाओं के जज्बे को सलाम करने के लिए रोहित पवार ने महान शायर फैज अहमद फैज की कालजयी नज्म हम देखेंगे की पंक्तियों का सहारा लिया। इन पंक्तियों के माध्यम से रोहित पवार ने यह संदेश दिया कि जुल्म के पहाड़ चाहे कितने भी भारी क्यों न हों, वे एक दिन रुई की तरह हवा में उड़ जाएंगे और जीत अंततः जनता की ही होगी।

युवा शक्ति और सत्ता के बीच का संघर्ष

रोहित पवार का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि वे युवाओं के मुद्दों पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवार का यह ‘हम देखेंगे’ का उद्घोष न केवल प्रदर्शनकारी युवाओं का मनोबल बढ़ाने वाला है, बल्कि यह सरकार के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को बल प्रयोग के माध्यम से कुचलना असंभव है।

यह भी पढ़ें: अमित शाह के भरोसे के बाद ही शिंदे गुट में आए, 6 बागी सांसदों के विलय पर संजय देशमुख का बड़ा खुलासा

सीजेपी प्रोटेस्ट को संसद तक जाने से रोकने के लिए पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। रोहित पवार ने अपने इस बयान से स्पष्ट कर दिया है कि धुआं युवाओं पर, पानी सरकार की आंखों में – यह केवल एक जुमला नहीं, बल्कि आने वाले समय में सरकार के खिलाफ होने वाले तीखे संघर्ष की आहट है। अब देखना यह होगा कि युवा आक्रोश की इस लहर का सरकार किस प्रकार सामना करती है।

Follow Navbharatlive whatsapp