दिल्ली हादसा: 9 का रेस्क्यू... तीन की मौत, कई अब भी दबे; मलबे में जिंदगी की तलाश जारी

Published on 6 सित॰ 2026

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में चार मंजिला इमारत ढहने के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है. देखते ही देखते चार मंजिला इमारत में मलबे के ढेर में तब्दील हो गई. हादसे के बाद अब तक 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. वहीं, मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है. ऐसे में राहत और बचाव टीमें मलबा हटाने में जुटी हुई हैं.

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. कई अधिकारी और रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर मौजूद हैं. बताया जा रहा है कि इमारत में PG चल रहा था और ऊपरी मंजिलों पर छात्र रह रहे थे. हादसे के वक्त भी कई लोग इमारत के अंदर मौजूद थे. अचानक इमारत गिरने से उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला और कई लोग मलबे के नीचे दब गए.

रेस्क्यू में जुटी टीमें

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. भारी मलबे को हटाने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है. बचाव में जुटी टीमें बेहद सावधानी से मलबा हटा रही हैं, क्योंकि आशंका है कि नीचे दबे लोग जीवित हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे के भीतर से एक वीडियो सामने आने की बात कही जा रही है. जहां भी किसी व्यक्ति के फंसे होने की आशंका होती है, वहां बचावकर्मी मशीनों का इस्तेमाल रोककर हाथों से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं. जरूरत के मुताबिक फंसे लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है, ताकि उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.

मलबा हटाने में मदद कर रहे स्थानीय लोग

प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे के बाद का मंजर बेहद भयावह बताया. लोगों के मुताबिक, इमारत गिरते ही चारों तरफ धूल और धुएं का गुबार फैल गया. कुछ देर तक कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. इसके बाद मलबे के अंदर से लोगों के चीखने और मदद के लिए पुकारने की आवाजें सुनाई देने लगीं. मौके पर मौजूद लोग भी बचाव अभियान में मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.

हादसे ने इमारत की सुरक्षा और यहां चल रहे PG को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत की हालत पहले से ही जर्जर थी. इसके बावजूद वहां लोगों के रहने की व्यवस्था कैसे चल रही थी, इसकी जांच जरूरी है. साथ ही इमारत के निचले हिस्से में निर्माण कार्य चलने की बात भी सामने आई है.

आशू मोहम्मद

आशू मोहम्मद

राजनीति से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी, नई चीजों को पढ़ने और सीखने की ललख, पाठकों के सामने सरल भाषा व शब्दों में देश दुनिया से जुड़ी खबरों को परोसने का काम टीवी9 के साथ जारी है. वहीं अगर इससे पहले की बात की जाए तो कानपुर में जन्मे आशू मोहम्मद ने साइंस से ग्रेजुएशन करने के बाद कानपुर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर, टीवी9 भारतवर्ष से 2022 में करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में करीब एक साल का अनुभव, अभी तक यह सिलसिला टीवी9 भारतवर्ष के साथ जारी है.  डिजिटल मीडिया की दुनिया में लिखने-पढ़ने, साथ ही 'न्यू मीडिया' की बारीकियों और चुनौतियों को समझने की कोशिश जारी है.

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