पीएम आवास की पात्रता का दायरा बढ़ा : 9 साल से शहर में रह रहे परिवारों को भी मिलेगा मौका - Haribhoomi

Published on 13 सित॰ 2026

छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना शहरी 1.0 में निवास की कटऑफ तारीख 31 अगस्त 2024 की गई। अब 2015 के बाद शहरों में बसे पात्र परिवार भी योजना में शामिल हो सकेंगे।

More urban families can now benefit from PM Awas Yojana

पीएम आवास योजना में अब अधिक शहरी परिवारों को मिलेगा मौका

  • Published: 13 Sep 2026, 01:48 PM IST
  • Last Updated: 13 Sep 2026, 01:49 PM IST

रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत आवास पाने के लिए निवास की वैधता की कटऑफ तारीख अब 31 अगस्त 2015 के बजाय 31 अगस्त 2024 कर दी गई है। राज्य सरकार के इस फैसले से 2015 के बाद शहरों में आकर बसे पात्र परिवार भी योजना के दायरे में आ सकेंगे। हालांकि केवल नई कटऑफ तारीख पूरी करने से आवास का अधिकार स्वतः नहीं मिलेगा। हितग्राहियों को योजना के अन्य निर्धारित मापदंडों के अनुसार पात्रता, दस्तावेज और सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी नगरीय निकायों को संशोधित प्रावधान के अनुसार पात्र हितग्राहियों के चिन्हांकन, सत्यापन और आवास आवंटन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने निकायों के आयुक्तों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर नए पात्र हितग्राहियों को भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) का लाभ दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने कहा है। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल को इसकी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

पात्र परिवारों को योजना में शामिल करने का दायरा बढ़ेगा
सरकार का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में आबादी बढ़ने और आवासीय जरूरतों में बदलाव को देखते हुए कटऑफ में संशोधन किया गया है। इससे किराये के मकानों, अस्थायी बस्तियों या अपर्याप्त आवासीय परिस्थितियों में रह रहे पात्र परिवारों को योजना में शामिल करने का दायरा बढ़ेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य शहरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, कटऑफ बढ़ने से अधिक पात्र परिवार पक्के आवास के लाभ से जुड़ सकेंगे। वहीं उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा, नए प्रावधान से एएचपी परियोजनाओं में हितग्राही चयन और योजनाबद्ध बसाहट को गति मिलेगी।

36,969 एएचपी आवास स्वीकृत
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के एएचपी घटक के तहत अब तक 36,969 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 29,267 आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि 7,702 आवास निर्माणाधीन हैं। पूर्ण आवासों की संख्या स्वीकृत आवासों की करीब 79 फीसदी है। बताया गया है कि एएचपी के तहत निर्मित और उपलब्ध आवासों में से 30,438 आवासों का आबंटन किया जा चुका है। इनमें 21,923 परिवार आवासों में रहना शुरू कर चुके हैं। ऐसे में नए हितग्राहियों के चयन से उन आवास परियोजनाओं में बसाहट बढ़ाने की कोशिश होगी, जहां अभी आवास उपलब्ध हैं।

केंद्र-राज्य से अनुदान, हितग्राही अंशदान भी
एएचपी के तहत स्लम में रहने वाले शहरी गरीब आवासहीन परिवारों के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रति आवास 1.50 लाख रुपए और राज्य सरकार की ओर से 2.50 लाख रुपए का अनुदान दिया जाता है। हितग्राही अंशदान 75 हजार रुपए निर्धारित है, जिसे आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है। इसी तरह किराये के मकान में रहने वाले कमजोर आयवर्ग के पात्र परिवारों के लिए केंद्र से प्रति आवास 1.50 लाख रुपए अनुदान और राज्य की ओर से आवास निर्माण के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है। इस श्रेणी में हितग्राही अंशदान 3.25 लाख रुपए है।