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सार
Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान सरकार ने HC को पंचायत और नगर निकाय चुनावों का विस्तृत शेड्यूल सौंप दिया है। प्रस्ताव के अनुसार पहले नगर निकाय और उसके बाद पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।

राजस्थान हाई कोर्ट (सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Rajasthan Panchayat Election In High Court Schedule: राजस्थान सरकार ने लंबे समय से लंबित पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर हाईकोर्ट के समक्ष विस्तृत चुनाव कार्यक्रम पेश कर दिया है। सरकार ने अदालत को बताया कि चुनाव प्रक्रिया अगस्त से शुरू होगी और पहले नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे, जबकि उसके बाद पंचायत चुनाव होंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त को नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी, जबकि पंचायत चुनाव की अधिसूचना 23 सितंबर को जारी होगी। सरकार ने यह भी बताया कि हाईकोर्ट के 16 जुलाई के निर्देशों के बाद 19 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
जिसमें राज्य निर्वाचन आयोग, ओबीसी आयोग, स्थानीय स्वशासन विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में तय किया गया कि ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देगा और 15 अगस्त तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा महिलाओं के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगा। सरकार ने भरोसा दिलाया कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के 90 दिनों के भीतर चुनाव संपन्न करा दिए जाएंगे। यदि हाईकोर्ट इस कार्यक्रम को मंजूरी देता है तो 15 नवंबर तक मतदान की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
17 अगस्त से शुरू होगी निकाय चुनाव प्रक्रिया
सरकार की ओर से दिए गए शेड्यूल के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया अगस्त से शुरू होगी। सबसे पहले 17 अगस्त को नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद 23 सितंबर को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पहले नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे, उसके बाद पंचायत चुनाव होंगे।
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5 अगस्त तक आएगी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान सरकार ने यह भी बताया कि हाईकोर्ट के 16 जुलाई के निर्देशों के बाद 19 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इस बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग, ओबीसी आयोग, स्थानीय स्वशासन विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में तय किया गया कि ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देगा। इसके बाद 15 अगस्त तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगा।
90 दिनों में चुनाव कराने का दावा
हाईकोर्ट ने सरकार से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि चुनाव का तय कार्यक्रम मांगा था। इसके जवाब में सरकार ने कोर्ट को यह पूरा शेड्यूल सौंपा। सरकार के अनुसार, आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 90 दिनों के भीतर राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराएगा।
अगर हाईकोर्ट इस प्रस्तावित शेड्यूल को मंजूरी दे देता है, तो पंचायत और नगर निकाय चुनाव कई चरणों में कराए जाएंगे और 15 नवंबर तक मतदान की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
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हाईकोर्ट के निगरानी में है मामला
दरअसल यह मामला हाईकोर्ट तक तब पहुंचा, जब पंचायत और नगर निकाय चुनाव में देरी को लेकर अलग-अलग जनहित याचिकाएं दाखिल की गई। पंचायत चुनाव में देरी के खिलाफ गिरराज सिंह देवांदा ने याचिका दायर की थी, जबकि नगर निकाय चुनाव में देरी को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।हाईकोर्ट इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि संविधान के अनुसार समय पर चुनाव कराए जा सकें।
