झज्जर में ISI के डिजिटल जाल को लेकर एडवाइजरी: फेक प्रोफाइल, व्हाट्सएप कॉल और हनीट्रैप से युवाओं को फंसाने की कोशिश - Jhajjar News

Published on 14 सित॰ 2026

झज्जर में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (PIO) द्वारा भारतीय युवाओं को डिजिटल माध्यमों से निशाना बनाने की कोशिशों को लेकर पुलिस द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है।

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युवाओं को फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, WhatsApp कॉल, लॉटरी, ऑनलाइन जॉब, पार्ट टाइम कमाई और हनीट्रैप जैसे तरीकों से अपने जाल में फंसाने का प्रयास किया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियों ने युवाओं से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसी को देने की अपील की है।

धार्मिक भावनाओं के तहत माइंडवॉश की कोशिश

एडवाइजरी में कहा गया है कि संदिग्ध PIO एजेंट सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क कर उनकी धार्मिक और मजहबी भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। धार्मिक कट्टरता और भड़काऊ बातों के जरिए युवाओं को अपने प्रभाव में लेकर देशविरोधी गतिविधियों की ओर धकेलने का प्रयास किया जा सकता है। ऐसे किसी भी ग्रुप, अकाउंट या व्यक्ति से दूरी बनाने की सलाह दी गई है।

+92 नंबर से कॉल और WhatsApp मैसेज से रहें सावधान

एडवाइजरी में पाकिस्तान के +92 कंट्री कोड वाले नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल और मैसेज को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। KBC, लॉटरी, कार या भारी कैश प्राइज जीतने का लालच देकर पैसे जमा कराने या फर्जी लिंक पर क्लिक करवाने की कोशिश हो सकती है। ऐसे लिंक मोबाइल की निजी जानकारी चोरी करने या साइबर ठगी का जरिया भी बन सकते हैं।

सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल बनाकर हनीट्रैप

फेसबुक, इंट्राग्राम और टेलिग्राम पर फर्जी नाम और फोटो से प्रोफाइल बनाकर पहले युवाओं से दोस्ती की जा सकती है। इसके बाद भावनात्मक बातचीत या अश्लील चैट के जरिए निजी फोटो-वीडियो हासिल कर उन्हें ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा सकता है। युवाओं को अनजान लोगों के साथ निजी जानकारी या फोटो-वीडियो शेयर नहीं करने की सलाह दी गई है।

ऑनलाइन जॉब का लालच दे बना रहे निशाना

डीसीपी फैसल खान ने बताया कि वर्क फ्रॉम होम, डेटा एंट्री, पार्ट टाइम जॉब और टेलिग्राम टास्क के नाम पर युवाओं को पैसे कमाने का लालच दिया जाता है। संपर्क बढ़ने के बाद उनसे फोटो, वीडियो, लोकेशन या किसी संवेदनशील स्थान से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है। ऐसी किसी भी संदिग्ध मांग को नजरअंदाज करने की सलाह दी गई है।

फर्जी लोन और बेटिंग ऐप्स से भी सावधान

एडवाइजरी में अवैध लोन और बेटिंग ऐप्स के जरिए युवाओं को आर्थिक रूप से फंसाने के बाद ब्लैकमेल किए जाने का खतरा भी बताया गया है। युवाओं से ऐसे संदिग्ध ऐप डाउनलोड नहीं करने और अनजान लिंक के जरिए बैंकिंग या निजी जानकारी साझा नहीं करने की अपील की गई है।

यदि कोई व्यक्ति देश, सेना, सरकारी संस्थान या संवेदनशील स्थानों से जुड़ी जानकारी मांगता है तो उसे कोई जानकारी देने के बजाय तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को सूचित करें। साइबर दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है, इसलिए युवाओं को सतर्क रहकर डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की जरूरत है।