मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से मंगलवार को राज्य स्तरीय 'सहयोग कार्यक्रम' के शुभारंभ के बीच औरंगाबाद जिला शिकायत निस्तारण में अपनी बेहतर कार्यशैली के कारण चर्चा में रहा।
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जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के नेतृत्व में जिले में अब तक हासिल 11,139 आवेदनों में से 10,700 का निपटारा किया जा चुका है। जिले का निष्पादन प्रतिशत 96 प्रतिशत है, जो शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम हॉल में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आवेदन प्राप्ति केंद्र और 'सहयोग पथ' का भी उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला पदाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तिखार अहमद, वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव, डीआरडीए निदेशक अनुपम कुमार सहित अन्य अधिकारी कलेक्ट्रेट से जुड़े।

कार्यक्रम में शामिल डीएम अभिलाषा शर्मा व अन्य अधिकारी।
हर महीने लगेगा राज्य स्तरीय सहयोग शिविर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनशिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला स्तर पर लंबित या अनसुलझे मामलों के समाधान के लिए प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें वही मामले सुने जाएंगे, जिनका समाधान जिला स्तर पर संतोषजनक ढंग से नहीं हो पाया है। आवेदक sahyog.bihar.gov.in पोर्टल पर अपने रेफरेंस नंबर के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे।
डीएम ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
कार्यक्रम के बाद जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला स्तर पर हासिल शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मामलों का समाधान जिले में ही किया जाए, ताकि आम लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए राज्य स्तर तक नहीं जाना पड़े।
जिला प्रशासन ने सभी विभागों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।