AI कंपनियों की संयुक्त राष्ट्र से अपील- हमारी टेक्नोलॉजी पर कंट्रोल नहीं किया तो खतरे में आ जाएगी मानवता

Published on 24 सित॰ 2026

AI कंपनियों की संयुक्त राष्ट्र से अपील- हमारी टेक्नोलॉजी पर कंट्रोल नहीं किया तो खतरे में आ जाएगी मानवता

AI को लेकर UN में बड़ी चेतावनीImage Credit source: getty image

AI Humanity Risk: आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल आजकल हर कोई कर रहा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये ही तकनीक हमारे लिए खतरा भी बन सकती है. AI आज पढ़ाई, इलाज, कारोबार और रिसर्च से लेकर युद्ध तक में अपनी जगह बना रही है. लेकिन अब AI की दुनिया से ही ऐसी आवाजें उठ रही हैं, जो सरकारों और दुनिया के नेताओं को सावधान कर रही हैं. हाल ही में AI कंपनियों के प्रमुखों ने इसके बिना नियम के इस्तेमाल पर चिंता जताई है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मीटिंग में AI कंपनियों के प्रमुखों ने कहा कि अगर इस तकनीक के विकास और इस्तेमाल के लिए मजबूत सुरक्षा नियम नहीं बनाए गए, तो भविष्य में इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है. इस मीटिंग में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और Anthropic के CEO डारियो अमोडेई समेत टेक इंडस्ट्री के नेताओं ने AI को लेकर चिंता जताई. अमोडेई ने कहा ‘अगर AI का सही ढंग से मैनेजमेंट नहीं किया गया, तो मेरा मानना ​​है कि यह पूरी मानवता के लिए खतरा बन सकता है.’

‘भविष्य पर अपना नियंत्रण खो सकते हैं’

ऑल्टमैन ने भी चेतावनी दी कि इंसान AI की वजह से भविष्य पर अपना नियंत्रण खो सकते हैं. उनका कहना था कि दुनिया के देशों को मिलकर ऐसी सुरक्षा व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे AI जरूरत से ज्यादा शक्तिशाली होने पर भी इंसानों के नियंत्रण में रहे. AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ देश के नेताओं का सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि ‘जीवन और मौत से जुड़े फैसले आखिर कौन करेगा, इंसान या मशीन?’ संयुक्त राष्ट्र की बैठक में इसी मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई.

AI के इस्तेमाल पर नियम बनाने की अपील

AI विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि दुनिया को ऐसे नियम बनाने चाहिए, जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि AI का इस्तेमाल जैविक हथियार बनाने, साइबर हमलों या अन्य खतरनाक गतिविधियों के लिए न हो. साथ ही AI मॉडलों की क्षमता और उनके जोखिमों की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक बनाने की जरूरत बताई गई. खास चिंता AI के सैन्य इस्तेमाल को लेकर है. अगर किसी हथियार या सैन्य सिस्टम में AI को बहुत ज्यादा स्वतंत्रता मिल गई और उसने गलत फैसला ले लिया, तो उसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं.

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मेडिकल रिपोर्ट पर हुआ था साइबर अटैक

हालांकि चर्चा सिर्फ खतरे की नहीं थी. AI से इंसानों को होने वाले फायदे भी सामने रखे गए. बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, रिसर्च, शिक्षा और लोगों को ज्यादा सक्षम बनाने में AI की बड़ी भूमिका हो सकती है. AI का इस्तेमाल युद्ध और संकट के समय जानकारी जुटाने, खतरे की पहचान करने और राहत कार्यों को बेहतर बनाने में भी किया जा सकता है.

हाल ही की बात करें, तो ऑस्ट्रेलिया की 21 हेल्थ क्लीनिकों पर साइबर अटैक में मरीजों के नाम-पते से लेकर मेडिकेयर नंबर और मेडिकल रिपोर्ट तक चोरी हो गईं, अब कंपनी इन्हें ऑनलाइन सार्वजनिक या बेचने से रोकने की कानूनी कोशिश कर रही है. कंपनी के ऑस्ट्रेलिया में 60 से ज्यादा मेडिकल सेंटर हैं और उसकी सेवाओं से 50 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हैं.

अंकिता पाण्डेय

अंकिता पाण्डेय

शिव की नगरी काशी से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अंकिता पाण्डेय ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री पूरी की है.  पत्रकारिता में आने के लिए उन्होंने बनारस के लोकल न्यूज पेपर "काशीवार्ता" से अपनी शुरुआत की, बाद में दिल्ली जैसे महानगरी का रुख करते हुए उन्होंने TV9 भारतवर्ष में अक्टूबर साल 2023 से जुड़ी. आज वह इस ऑर्गनाइजेशन में बतौर सब-एडिटर काम कर रही हैं. क्राइम, एंटरटेनमेंट और अन्य सभी को न्यूज के साथ विजुअल तरीके से पेश करने में रुचि है. पत्रकारिता के अलावा कविताएं लिखना, फोटोग्राफी करना और म्यूजिक का भी शौक रखती हैं.

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