खरीफ डिजिटल क्रॉप सर्वे में पहली बार AI का उपयोग: 424 तहसीलों और 50 हजार से ज्यादा गांव में आज से होगी शुरुआत - Ajmer News

Published on 1 अग॰ 2026

प्रदेशभर में खरीफ 2083 (2026-27) डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) आज से शुरू होगा । यह सर्वे राज्य के 41 जिलों की 424 ऑनलाइन तहसीलों और 50 हजार 456 ऑनलाइन राजस्व गांव में किया जाएगा।

.

सर्वे में पहली बार AI आधारित गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली लागू की जा रही है और 25 प्रतिशत खसरों की गिरदावरी स्वयं किसानों द्वारा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। खरीफ गिरदावरी में खसरे पर सेन्ट्रॉयड डिटेक्शन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा

4.62 करोड़ से अधिक ऑनलाइन खसरों की होगी गिरदावरी

डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत प्रदेश के 4.62 करोड़ से ज्यादा ऑनलाइन खसरों की नियमानुसार गिरदावरी की जाएगी। इनमें से लगभग 2.86 करोड़ कृषि योग्य खसरों को डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए चिह्नित किया गया है, जहां 20 मीटर खसरा सीमा के भीतर जीओ टैग्ड फसल फोटो एवं डिजिटल सत्यापन के साथ गिरदावरी की जाएगी।

शेष खसरों, जिनमें मुख्यतः सरकारी भूमि, गैर-कृषि भूमि एवं पड़त भूमि की सामान्य ई-गिरदावरी की जाएगी। पटवारी एवं प्राइवेट सर्वेयर के स्‍तर से राज खसरा गिरदावरी मोबाइल एप से ऑनलाइन गिरदावरी करने की सुविधा प्रदान की गई है।

किसानों की होगी सक्रिय भागीदारी

इस वर्ष डिजिटल क्रॉप सर्वे में किसानों की प्रत्यक्ष भागीदारी को विशेष महत्व देते हुए राज्य सरकार ने डीसीएस के लिए लक्षित खसरों में से 25 प्रतिशत खसरों की गिरदावरी स्वयं किसानों द्वारा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे फसल संबंधी आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा किसानों की सहभागिता भी सुनिश्चित होगी। किसान स्वयं के मोबाइल पर राजकिसान गिरदावरी एप डाउनलोड कर ऑनलाइन गिरदावरी कर सकेंगे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तहत एग्रीस्टेक-डिजिटल क्रॉप सर्वे की ट्रेनिंग दी गई।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तहत एग्रीस्टेक-डिजिटल क्रॉप सर्वे की ट्रेनिंग दी गई।

पहली बार AI आधारित गुणवत्ता परीक्षण

खरीफ 2083 डिजिटल क्रॉप सर्वे में पहली बार AI आधारित गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली लागू की जा रही है। सर्वेक्षण के दौरान अपलोड किए गए फसल फोटोग्राफ और दर्ज फसल विवरण का AI के माध्यम से स्वतः विश्लेषण किया जाएगा। यह प्रणाली संभावित त्रुटियों, असंगतियों तथा अनुपयुक्त फोटोग्राफ की पहचान कर सर्वेक्षण की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।

सेन्ट्रॉयड डिटेक्शन से बढ़ेगी सर्वे की सटीकता

खरीफ गिरदावरी में खसरे पर सेन्ट्रॉयड डिटेक्शन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सर्वेयर या पटवारी द्वारा गिरदावरी संबंधित खसरे के वास्तविक क्षेत्र और खसरे की दिशा में सही एंगल से फसल की फोटो लेते हुए गिरदावरी की जाए। यह तकनीक गिरदावरी की सटीकता, पारदर्शिता और प्रामाणिकता को और अधिक मजबूत बनाएगी।

कृषि योजनाओं के लिए बनेगा विश्वसनीय आधार

डिजिटल क्रॉप सर्वे से प्राप्त आंकड़े फसल उत्पादन आकलन, कृषि सांख्यिकी, कृषि नीति निर्माण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक आपदा राहत तथा विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे।

वीसी से ट्रेनिंग, तैयारी पूरी

राजस्व मंडल के निबंधक महावीर प्रसाद की अध्‍यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तहत एग्रीस्टेक-डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत फसल खरीफ सम्वत् 2083 की गिरदावरी के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण के साथ ही महत्‍वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए। वीसी में राजस्व मण्डल उप निबंधक मोहन लाल खटनावलिया ने पीपीटी के माध्‍यम से प्रशिक्षण दिया।

तकनीकी सहयोग संयुक्‍त निदेशक सौरभ बामनिया का रहा। वीसी में राज्‍य के समस्‍त जिलों के प्रभारी अधिकारी (भू-अभिलेख), समस्त तहसीलदार (भू.अ.), तकनीकी अधिकारी डीसीएस, कृषि आयुक्तालय के अधिकारी, सभी जिलों के रिसोर्स पर्सन, मास्टर्स ट्रेनर्स आदि उपस्थित रहे।