महाराष्ट्र ATS का बड़ा खुलासा: बीड-सोलापुर के फर्जी ट्रस्टों का पाकिस्तान कनेक्शन, 15 करोड़ का संदिग्ध फंड जमा| Navbharat Live

Published on 21 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 21, 2026 | 09:50 AM IST

विज्ञापन

सार

Maharashtra ATS Probe: महाराष्ट्र ATS की जांच में बीड के 'गुलजार-ए-रजा' और बार्शी के 'अल हलीमी' फर्जी ट्रस्ट के बीच वित्तीय संबंध और पाकिस्तान से कनेक्शन का खुलासा हुआ।

Maharashtra ATS reveals a Pakistan link in the investigation of fake trusts in Beed and Solapur, which illegally raised over ₹15 crore in donations.

महाराष्ट्र ATS (फोटो सोर्स: AI)

विस्तार

Maharashtra ATS Pakistan Funding Probe: महाराष्ट्र एटीएस की जांच में एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान पता चला है कि पाकिस्तान स्थित विवादित संगठन ‘दावत-ए-इस्लामी’ के संपर्क में रहे और कथित तौर पर आतंकवादी शहजाद भट्टी गिरोह से जुड़े सोलापुर जिले के बार्शी स्थित ‘अल हलीमी’ नामक कथित फर्जी ट्रस्ट के बीड जिले के माजलगांव स्थित ‘गुलजार-ए-रजा’ नामक कथित फर्जी ट्रस्ट के साथ सीधे आर्थिक संबंध थे।

सूत्रों के अनुसार, जांच में इस कथित नेटवर्क के पाकिस्तान से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। कुछ महीने पहले छत्रपति संभाजीनगर एटीएस की बीड इकाई ने माजलगांव स्थित ‘गुलजार-ए-रजा’ ट्रस्ट का भंडाफोड़ किया था। जांच में सामने आया था कि इस ट्रस्ट ने 5 अलग-अलग बैंक खातों के जरिए करीब 4.73 करोड़ रुपये का चंदा एकत्र किया था। इस मामले में पुलिस पहले ही कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट जारी है।

बार्शी के ‘अल हलीमी’ ट्रस्ट ने जुटाए 10 करोड़

जांच के दौरान सोलापुर जिले के बार्शी में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। वहां ‘अल हलीमी’ नाम से कथित फर्जी ट्रस्ट बनाकर करीब 10 करोड़ रुपये का चंदा जुटाए जाने का खुलासा हुआ था। अब एटीएस दोनों ट्रस्टों के बीच हुए आर्थिक लेनदेन और फंड के स्रोतों की गहन जांच कर रही है।

सम्बंधित ख़बरें

यह भी पढ़ें: – कोंकण में महायुति में वर्चस्व की जंग: तटकरे और रामदास कदम की भिड़ंत में कूदे योगेश, दी पोल खोलने की चेतावनी

युवाओं की संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच

एटीएस यह भी पता लगा रही है कि इन दोनों संस्थाओं के संपर्क किन-किन धर्मार्थ या अन्य संगठनों से थे। साथ ही इन ट्रस्टों से जुड़े युवाओं की वर्तमान गतिविधियां, उनके व्यवसाय और अन्य संपर्कों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण – खुलासे हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क और कथित आर्थिक लेन-देन की तह तक पहुंचने के लिए व्यापक जांच में जुटी हैं।

Follow Navbharatlive whatsapp