विदेश में भारतीय मोबाइल नंबर बंद हुआ तो बैंक OTP और जरूरी अलर्ट रूक सकते हैं। NRI भारतीय SIM को रोमिंग के साथ चालू रख सकते हैं या जहां सुविधा हो, विदेशी नंबर दर्ज करा सकते हैं।
indian mobile number in abroad
- Published: 13 Sep 2026, 02:20 PM IST
- Last Updated: 13 Sep 2026, 01:51 PM IST
विदेश जाने के बाद नया मोबाइल नंबर लेना सबसे आसान काम लगता। भारतीय नंबर का इस्तेमाल कम हो जाता है और ज्यादातर बातचीत व्हाट्सऐप पर होने लगती, लेकिन दिक्कत तब आती है, जब भारत के बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करने हों और मोबाइल पर ओटीपी ही न आए।
कई एनआरआई के लिए भारत का मोबाइल नंबर आज भी बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड, निवेश और दूसरी वित्तीय सेवाओं से जुड़ा रहता। इसलिए विदेश जाने से पहले यह तय करना जरूरी है कि भारतीय नंबर आगे भी कैसे चालू रहेगा।
विदेश जाने से पहले भारतीय फोन नंबर चालू रखें
भारत से निकलने से पहले जांच लें कि आपके नंबर पर इंटरनेशनल रोमिंग सक्रिय है या नहीं। सिर्फ भारत में SIM का चलना इस बात की गारंटी नहीं है कि विदेश पहुंचने के बाद भी वह काम करेगा। प्रीपेड और पोस्टपेड कनेक्शन के नियम भी अलग हो सकते हैं।
अगर भारतीय नंबर का इस्तेमाल सिर्फ बैंक के ओटीपी और जरूरी एसएमएस के लिए करना है, तो रोजमर्रा के कॉल और इंटरनेट के लिए विदेशी SIM इस्तेमाल कर सकते हैं। भारतीय सिम को दूसरे स्लॉट या eSIM के रूप में चालू रखा जा सकता है, लेकिन यहां एक और बात जरूरी है। लंबे समय तक SIM का इस्तेमाल या रिचार्ज न करने पर नंबर बंद हो सकता है। हर टेलीकॉम कंपनी के नियम अलग हैं। इसलिए अपने प्लान की वैधता और रिचार्ज की शर्तें पहले ही जांच लें।
फोन पर अगर OTP नहीं आया तो क्या करें?
विदेश में OTP आने में कभी-कभी देरी भी हो सकती है। भारतीय SIM को विदेशी नेटवर्क से कनेक्ट होना पड़ता है। नेटवर्क न मिलने पर फोन रीस्टार्ट करें, उपलब्ध नेटवर्क को मैन्युअली चुनें और जांचें कि इंटरनेशनल रोमिंग चालू है या नहीं। सबसे बड़ी गलती यह है कि इन चीजों की जांच तब की जाए, जब पैसों का तुरंत ट्रांसफर करना हो।
विदेशी नंबर भी हो सकता है विकल्प
एनआरआई बैंकिंग में कई बैंक NRE और NRO खातों के लिए विदेशी मोबाइल नंबर की सुविधा देते हैं। लेकिन हर बैंक और हर सेवा के नियम एक जैसे नहीं हैं। कुछ सेवाओं में विदेशी नंबर काम कर सकता है, जबकि कुछ में भारतीय नंबर की जरूरत बनी रह सकती है।
इसलिए अपने बैंक से पहले ही पूछें कि विदेशी नंबर पर OTP, बैंकिंग अलर्ट और दूसरी सेवाएं मिलेंगी या नहीं। जहां संभव हो, मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग और ईमेल अलर्ट जैसे दूसरे विकल्प भी सक्रिय रखें।
नंबर बदलने से पहले पूरी सूची बनाएं
अगर भारतीय नंबर बंद करने जा रहे तो पहले उससे जुड़े सभी खातों की लिस्ट बनाएं। बैंक खाते के अलावा क्रेडिट कार्ड, डीमैट, म्यूचुअल फंड, बीमा, टैक्स खाते और दूसरी वित्तीय सेवाओं में भी यही नंबर दर्ज हो सकता है।
पुराना नंबर बंद होने से पहले सभी जरूरी जगह नया नंबर अपडेट करें। फोन या SIM खो जाए तो तुरंत टेलीकॉम कंपनी और जरूरत पड़ने पर बैंक को सूचना दें।
विदेश में रहते हुए भारतीय नंबर चालू रखना छोटी-सी सावधानी है, लेकिन इससे बैंकिंग की बड़ी परेशानी से बचा जा सकता। बेहतर है कि भारत छोड़ने से पहले ही तय कर लें कि भारतीय सिम रखना है, रोमिंग चालू करनी है या बैंक में विदेशी नंबर दर्ज कराना है।
(प्रियंका कुमारी)