भोपाल में सोमवार से इलेक्ट्रिक बसों का पांच दिवसीय ट्रायल रन शुरू हो रहा है। पहले चरण में बैरागढ़ डिपो से तीन रूटों पर पांच ई-बसें चलाई जाएंगी। ट्रायल के दौरान यात्री सफर नहीं कर सकेंगे।
ई-बसों का ट्रायल रन शुरू
- Published: 20 Jul 2026, 09:23 AM IST
- Last Updated: 20 Jul 2026, 09:23 AM IST
भोपाल: राजधानी भोपाल में प्रदूषण मुक्त और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सोमवार से शहर में इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू होगा। पहले चरण में बैरागढ़ डिपो से तीन अलग-अलग रूटों पर पांच इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। यह ट्रायल अगले पांच दिनों तक चलेगा। इस दौरान बसों के संचालन, रूट की व्यवहारिकता, चार्जिंग व्यवस्था और तकनीकी प्रदर्शन का परीक्षण किया जाएगा।
यह केवल ड्राय रन होगा
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल यह केवल ड्राय रन होगा। इसलिए ट्रायल अवधि में आम यात्री इन बसों में सफर नहीं कर सकेंगे। ट्रायल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियमित संचालन शुरू होने से पहले सभी तकनीकी और संचालन संबंधी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हों।
संचालन दो शिफ्ट में किया जाएगा
ट्रायल के दौरान बसों का संचालन दो शिफ्ट में किया जाएगा। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक दो घंटे का ब्रेक रहेगा। दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होगी। इस दौरान विभिन्न मार्गों पर बसों की आवाजाही, ट्रैफिक की स्थिति और चार्जिंग सिस्टम की कार्यक्षमता का आकलन किया जाएगा। पहले चरण में इलेक्ट्रिक बसें बैरागढ़ डिपो से पुराने भोपाल होते हुए बोर्ड ऑफिस तक जाएंगी। इसके बाद ये बसें भोपाल रेलवे स्टेशन (प्लेटफॉर्म नंबर-1) और कोलार के बैरागढ़-चीचली रूट पर भी ट्रायल के लिए चलाई जाएंगी। इन मार्गों पर यातायात का दबाव, यात्रा समय और संचालन से जुड़ी संभावित चुनौतियों का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
20 और नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने की संभावना
नगर निगम और परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, भोपाल में अब तक कुल 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। अगले 10 से 12 दिनों के भीतर 20 और नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने की संभावना है। इसके बाद शहर में ई-बसों का बेड़ा और मजबूत हो जाएगा। बसों के नियमित संचालन को ध्यान में रखते हुए बैरागढ़ डिपो में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर लिया गया है। यहां 11 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, ताकि बसों की चार्जिंग में किसी तरह की परेशानी न हो और सेवा निर्बाध रूप से संचालित की जा सके।
यदि पांच दिन का ट्रायल सफल रहता है और सभी तकनीकी मानकों पर बसें खरी उतरती हैं, तो जल्द ही भोपाल के यात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। इससे शहर में प्रदूषण कम करने के साथ-साथ लोगों को आधुनिक, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।