Bhopal Lawyer Assault Case: भोपाल में वकील से मारपीट (Bhopal Lawyer Assault Case) के मामले में FIR और सस्पेंशन के बाद जहांगीराबाद थाने के तत्कालीन TI राजन सिंह अहिरवार ने VIDEO (TI Suspend Video) जारी किया। उन्होंने कहा- हम किसी गलत काम में सस्पेंड नहीं हुए हैं। जब तक ये प्रकरण चले महिला अधिकारी को दूर रखा जाए। ऐसा उन्होंने क्यों कहा और ये महिला अधिकारी कौन है? वे केस से किस तरह जुड़ी हैं? (MP Police Ti Suspend)
महिला अधिकारी को केस से दूर रखने की बात क्यों ?
वीडियो में राजन सिंह ने महिला पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, महिला अधिकारी पुलिसकर्मियों को बहुत टेंशन देती हैं। उन्होंने महिला अधिकारी को मामले से दूर रखने का आग्रह किया है। राजन ने कहा कि सही समय पर तथ्यों और सबूतों के आधार पर सच्चाई सामने आएगी।
बोले- गलत काम के लिए सस्पेंड नहीं हुआ (Bhopal Lawyer Assault Case)
राजन सिंह ने कहा कि उन्हें किसी गलत काम के लिए निलंबित नहीं किया गया है और न ही किसी आपराधिक मामले में सब कुछ हुआ है।
विभाग के आला अधिकारी उनके साथ हैं। पूरा मामला उनके संज्ञान में है। वे तथ्यों के आधार पर खुद फैसला करें।
TI ने अपने कार्यकाल को भी बताया (Bhopal Lawyer Assault Case)
राजन ने जहांगीराबाद में अपने कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वहां की जनता ने उन्हें सहयोग और अपनापन दिया। उनके मुताबिक, उन्होंने क्षेत्र में गुंडागर्दी, जुआ और सट्टे पर रोक लगाने के लिए काम किया।
FIR के बाद सामने आया VIDEO
यह VIDEO वकील राकेश रावल की शिकायत पर राजन सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद सामने आया। मंगलवार रात विवाद के बाद वकील और राकेश के परिजन FIR की मांग को लेकर जहांगीराबाद थाने पहुंचे थे।
वकीलों ने किया थाा विरोध प्रदर्शन (Bhopal Lawyer Assault Case)
इस मामले में बुधवार को बड़ी संख्या में वकीलों ने जिला अदालत के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद कोर्ट चौराहे पर चक्काजाम किया गया। देर रात FIR होने के बाद वकीलों ने आंदोलन खत्म कर दिया।
टीआई समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड (Bhopal Lawyer Assault Case)
पुलिस ने TI राजन सिंह अहिरवार के अलावा कॉन्स्टेबल यश लखेरा और रामस्वरूप को भी सस्पेंड किया है। वहीं, पुलिस की ओर से अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ भी शासकीय काम में बाधा, अभद्रता और मारपीट के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
गणेश विसर्जन के दौरान रास्ते को लेकर विवाद
मामला 22 सितंबर का है। वकील राकेश रावल का गणेश प्रतिमा विसर्जन के कारण बंद रास्ते को लेकर पुलिसकर्मियों से विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस उन्हें जहांगीराबाद थाने ले गई थी। राकेश का आरोप है कि थाने में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई।
उन्होंने कहा कि उन्हें कीचड़ में पटककर डंडों से पीटा गया। इसके बाद बड़ी संख्या में वकील देर रात थाने पहुंचे और करीब रात 3 बजे तक विरोध किया। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने TI राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को पुलिस लाइन भेज दिया था।
कॉन्स्टेबल की शिकायत में वकील पर ये आरोप (Bhopal Lawyer Assault Case)
कॉन्स्टेबल हरि ओम वर्मा की शिकायत पर राकेश रावल के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक, 22 सितंबर को शाम करीब 8 बजे कॉन्स्टेबल की ड्यूटी खटलापुरा विसर्जन घाट पर यातायात व्यवस्था के लिए पीएचक्यू गेट नंबर-1 के पास लगी थी।
इसी दौरान एक व्यक्ति लाल रंग की कार (MP04ZL3133) से खटलापुरा रोड की ओर जाने लगा। आरक्षक ने उसे वहां से जाने से रोका तो उसने कार बीच सड़क पर खड़ी कर दी। इससे ट्रैफिक रुकने लगा।
कॉन्स्टेबल से झगड़ा और मारपीट
कॉन्स्टेबल का आरोप है कि समझाने पर वह व्यक्ति नशे में लगा और पूरे पुलिस विभाग को गालियां देने लगा। उसने खुद को भोपाल कोर्ट का वकील बताते हुए अपना नाम राकेश रावल बताया। इसके बाद कॉन्स्टेबल के साथ झगड़ा और मारपीट की।
कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि राकेश रावल ने उसे जान से मारने की धमकी दी। वकील ने कहा- 2 मिनट में तेरी वर्दी उतरवा दूंगा। उसने यह भी कहा- तू मुझे दूसरे रूट पर भेज रहा, क्या पेट्रोल का पैसा तेरा बाप देगा? इसके बाद कॉन्स्टेबल ने घटना की जानकारी सीनियर अधिकारियों को दी।
उनके कहने पर वह शासकीय काम में बाधा और अभद्रता की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचा। बुधवार शाम राकेश रावल की शिकायत पर भी BNS की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई।
ट्रैफिक डायवर्ट होने से लगा जाम
FIR के मुताबिक, राकेश रावल भोपाल जिला न्यायालय में नियमित वकालत करते हैं। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को सुबह करीब 8 बजे वे जहांगीराबाद से अपने घर जा रहे थे। ट्रैफिक डायवर्ट होने के कारण जाम लगा था।
उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से कहा कि वे जाम में फंस गए हैं और उनकी गाड़ी में पेट्रोल नहीं है। राकेश का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उनसे अभद्रता की। जब उन्होंने खुद को वकील बताया तो पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर कहा, ‘तुम्हारी वकालत निकालते हैं।’
अंधेरे में ले जाकर पुलिस ने बरसाए डंडे
शिकायत के अनुसार, इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें जबरदस्ती पुलिस वाहन में बैठाकर जहांगीराबाद थाने ले गए। वहां सामने बने ग्राउंड में अंधेरे में ले जाकर डंडों और लात-घूंसों से मारपीट की गई। पीठ, दाएं पैर के घुटने और बाईं आंख में चोट आई।
राकेश रावल ने कहा कि मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को सामने आने पर पहचान सकते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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