भोपाल नगर निगम ने रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 62 हजार से ज्यादा संपत्तियां सर्वे में चिन्हित हुई हैं।
भोपाल में रहवासी इलाकों में कारोबार पर सख्ती
- Published: 21 Aug 2026, 11:34 AM IST
- Last Updated: 21 Aug 2026, 11:34 AM IST
भोपाल: रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक कारोबार पर नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। आवासीय भवनों के कमर्शियल इस्तेमाल को लेकर शहरभर में सर्वे किया जा रहा है। निगम के मुताबिक अब तक 8 हजार से ज्यादा संपत्तियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस मिलते ही किसी संपत्ति को सीधे सील नहीं किया जाएगा। पहले संबंधित पक्ष की सुनवाई होगी और दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार करीब 750 ऐसे नोटिस हैं, जिनमें अधिभोग उल्लंघन की अवधि जल्द पूरी होने वाली है। वहीं अवैध निर्माण से जुड़े 85 नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। इनमें 24 मामलों में अंतिम आदेश जारी हो चुके हैं। पिछले दो दिनों में प्रशासनिक बैठकों के चलते सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन निगम ने साफ किया है कि प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।
सुनवाई के बाद होगी सीलिंग
निगम अधिकारियों के मुताबिक सभी मामलों में पहले संबंधित संपत्ति मालिक या कारोबारी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। नोटिस के जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद मामले के गुण-दोष के आधार पर अंतिम आदेश जारी होगा। जहां नियमों का उल्लंघन साबित होगा, वहां अधिभोग बंद करने की अंतिम सूचना दी जाएगी। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग या दूसरी कार्रवाई की जा सकती है।
यह कार्रवाई सिर्फ आवासीय भवनों में चल रहे कारोबार तक सीमित नहीं है। नए सर्वे में अवैध निर्माण और भवन से जुड़े अन्य उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। मुख्य सड़कों, उनसे जुड़ी गलियों, नदी-तालाब किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवन भी जांच के दायरे में हैं।
62 हजार से ज्यादा संपत्तियां चिन्हित
नगर निगम के मुताबिक शहर में 62 हजार से ज्यादा ऐसी संपत्तियां चिन्हित की गई हैं, जहां रहवासी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। 5 अगस्त के बाद सर्वे का दायरा और बढ़ाया गया है। इसके बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में नोटिस जारी करने की कार्रवाई लगातार चल रही है।
अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी सहित कई इलाकों में कारोबारियों को नोटिस मिले हैं। कार्रवाई के डर से कुछ कारोबारी अब वैध कमर्शियल क्षेत्रों में दुकान या कारोबार के लिए जगह तलाश रहे हैं।
व्यापारियों ने किया विरोध
नगर निगम की कार्रवाई से व्यापारियों में नाराजगी भी है। व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन और चक्काजाम कर विरोध जताया। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में दुकानें बंद होने से रोजगार और आम लोगों को मिलने वाली रोजमर्रा की सेवाओं पर असर पड़ेगा। व्यापारियों ने सरकार से रहवासी इलाकों में चल रहे कारोबार के लिए नियमितीकरण की नीति बनाने की मांग की है।
वहीं, कुछ रहवासी संगठन निगम की कार्रवाई के समर्थन में हैं। गुलमोहर कॉलोनी में शनिवार को टॉर्च रैली निकालने की तैयारी है। इससे पहले सात नंबर मार्केट में भी रैली निकाली जा चुकी है। ऐसे में भोपाल में आवासीय इलाकों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर प्रशासन, कारोबारियों और रहवासियों के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।