Bhopal Student Murder Case: भोपाल में स्टूडेंट उदिय गायकी से पुलिस की बर्बरता के मामले में सस्पेंड कॉन्स्टेबल संतोष बामनिया की जमानत
याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मामले की सुनवाई तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
अक्टूबर 2025 का चर्चित केस
अक्टूबर 2025 के बहुचर्चित केस में जस्टिस दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की बेंच ने सुनवाई की। आरोपी की ओर से सीनियर एडवोकेट गौरव अग्रवाल ने पैरवी की। मृतक उदित गायकी के पिता की ओर से एडवोकेट मनीष तिवारी और ख्वाजा उमैर ने पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी कॉन्स्टेबल की बेल पिटीशन रिजेक्ट कर दी।
पुलिस कार्रवाई के बाद गई थी स्टूडेंट की जान
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अक्टूबर 2025 में भोपाल के पिपलानी थाना इलाके में वीआईटी कॉलेज के बीटेक फाइनल ईयर स्टूडेंट उदित गायकी अपने दोस्तों के साथ इंद्रपुरी इलाके में पार्टी कर रहा था। आरोप है कि देर रात पहुंची पुलिस टीम ने उसके साथ बर्बरता से मारपीट की। घटना के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और दोस्तों ने एम्स में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उदित गायकी को मृत घोषित कर दिया।
पेनक्रियाज में गंभीर चोट और मारपीट से मौत
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उदित गायकी की मौत को शुरुआत में हार्ट अटैक से जोड़कर देखा गया, लेकिन पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में पेनक्रियाज में गंभीर चोट और मारपीट से मौत होने की बात का खुलासा हुआ। मामले ने जब तूल पकड़ा तो कॉन्स्टेबल संतोष बामनिया और सौरभ आर्य को सस्पेंड कर दिया गया।
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कॉन्स्टेबल पर पैसे मांगने का आरोप
उदित गायकी की मौत के बाद परिजन ने पिपलानी थाने के बाहर प्रदर्शन करके हत्या का केस दर्ज करने की मांग की थी। कांग्रेस नेता सुखदेव पांसे भी परिजन के समर्थन में पहुंचे थे। उदित के दोस्तों ने आरोप लगाया था कि पुलिस वालों ने मारपीट की और पैसे मांगने की कोशिश भी की थी। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को नकार दिया था। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई थी।
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ट्रायल कोर्ट की सुनवाई पर फोकस
सुप्रीम कोर्ट ने कॉन्स्टेबल सस्पेंड कॉन्स्टेबल संतोष बामनिया की जमानत याचिका खारिज करने के साथ ही ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिए हैं कि जल्द ही केस की सुनवाई पूरी करें। अब कोर्ट में केस का ट्रायल तेज होने की संभावना है।
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