Bihar MLC Election : अनंत सिंह की चुनौती के बीच नीरज के लिए मैदान में उतरेंगे निशांत, इन 3 तारीखों पर करेंगे प्रचार

Published on 5 अक्टू॰ 2026

Bihar MLC Election : पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अब सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। नामांकन के बाद जहां तमाम उम्मीदवार अपने-अपने तरीके से चुनावी समीकरण साधने में जुटे हैं, वहीं जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के लिए अब पार्टी के युवा चेहरे और मंत्री निशांत कुमार मैदान में उतरने जा रहे हैं। निशांत कुमार अगले कुछ दिनों तक पटना स्नातक सीट के अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर नीरज कुमार के पक्ष में मतदाताओं से समर्थन और वोट की अपील करेंगे।

नीरज कुमार के चुनावी अभियान को धार देने के लिए निशांत कुमार का कार्यक्रम भी तय हो गया है। इसके तहत 10 अक्टूबर को नालंदा, 13 अक्टूबर को नवादा और 16 अक्टूबर को बाढ़ में निशांत कुमार मतदाताओं के बीच पहुंचेंगे। इन इलाकों में वह लगातार जनसंपर्क करेंगे और नीरज कुमार को एक बार फिर विधान परिषद पहुंचाने के लिए मतदाताओं से समर्थन मांगेंगे। तीन दिनों के इस कार्यक्रम को जेडीयू के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पटना स्नातक सीट पर मुकाबला इस बार पहले की तुलना में ज्यादा दिलचस्प और राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है।

दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना के साथ-साथ नालंदा और नवादा का भी बड़ा हिस्सा आता है। ऐसे में इन दोनों जिलों के मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाना किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद जरूरी है। जेडीयू ने अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार पर एक बार फिर भरोसा जताया है। नीरज कुमार लगातार तीन बार इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं और अब उनकी नजर चौथी जीत पर है। ऐसे में पार्टी किसी भी स्तर पर चुनावी तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती।

इसी रणनीति के तहत निशांत कुमार को भी मैदान में उतारा जा रहा है। माना जा रहा है कि निशांत के दौरे के जरिए पार्टी युवा मतदाताओं और नए वोटरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी। नालंदा और नवादा में जनसंपर्क के साथ-साथ बाढ़ इलाके में भी मतदाताओं से संवाद किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं के साथ बैठकें भी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं।

पटना स्नातक सीट पर इस बार मुकाबला केवल उम्मीदवारों के बीच नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई बड़े सियासी समीकरण भी काम कर रहे हैं। जेडीयू के नीरज कुमार के सामने आरजेडी ने नीरज पटेल को मैदान में उतारा है, जबकि जन सुराज की ओर से डॉ. अनुज सिंह चुनावी मैदान में हैं। डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में मोकामा विधायक अनंत सिंह के खुलकर सामने आने के बाद मुकाबला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रही सियासी खींचतान का असर भी इस चुनाव पर देखने को मिल रहा है। अनंत सिंह लगातार नीरज कुमार को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, नीरज कुमार भी अब खुलकर अपने राजनीतिक नेतृत्व और पार्टी के फैसले के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में जेडीयू के लिए यह चुनाव केवल एक विधान परिषद सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि पार्टी के भीतर एकजुटता और नेतृत्व की पकड़ का भी संदेश देने वाला चुनाव बन गया है।

इसी बीच नीरज कुमार के लिए निशांत कुमार का चुनावी मैदान में उतरना भी कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निशांत कुमार का नालंदा, नवादा और बाढ़ का दौरा पार्टी के लिए मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाने का मौका होगा। तीन अलग-अलग तारीखों में होने वाले इन कार्यक्रमों में नीरज कुमार के लिए वोट मांगने के साथ-साथ जेडीयू के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश होगी।

10 अक्टूबर को नालंदा से शुरू होने वाला यह अभियान 13 अक्टूबर को नवादा पहुंचेगा और 16 अक्टूबर को बाढ़ में जनसंपर्क के साथ आगे बढ़ेगा। यानी तीन दिनों में पटना स्नातक सीट के महत्वपूर्ण इलाकों को साधने की कोशिश की जाएगी। जेडीयू की नजर खास तौर पर उन स्नातक मतदाताओं पर होगी, जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

अब देखना दिलचस्प होगा कि निशांत कुमार के मैदान में उतरने से नीरज कुमार के चुनावी अभियान को कितना फायदा मिलता है। एक तरफ नीरज कुमार के सामने अपनी जीत की हैट्रिक को चौथी जीत में बदलने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ अनंत सिंह के समर्थन से डॉ. अनुज सिंह ने मुकाबले को नया रंग दे दिया है। ऐसे में नालंदा से नवादा और बाढ़ तक होने वाला निशांत कुमार का यह दौरा जेडीयू के चुनावी अभियान की दिशा और धार, दोनों तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।