Bihar News: बिहार के हर थाने में अब बच्चों के लिए अलग डेस्क, 2 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था; बच्चियों के लिए महिला पुलिसकर्मी रहेंगी तैनात

Published on 18 सित॰ 2026

Bihar News : बिहार में बच्चों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर पुलिस व्यवस्था में अहम बदलाव किया जा रहा है। राज्य के सभी पुलिस थानों में अब चाइल्ड हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। यह नई व्यवस्था 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों और उनके अभिभावकों को थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग, सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक राज्य के सभी जिलों में इस व्यवस्था को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू करना होगा। चाइल्ड हेल्प डेस्क को थाने के ऐसे हिस्से में बनाया जाएगा, जहां बच्चों और उनके परिजनों की आसानी से पहुंच हो। खास बात यह होगी कि बच्चों के लिए बनाए गए इस डेस्क को पुलिस थाने के लॉकअप से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।

बच्चों के लिए थाने में होगा अलग सुरक्षित स्थान

चाइल्ड हेल्प डेस्क पर बच्चों से संबंधित मामलों को संभालने वाले अधिकारियों की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। यहां चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर प्रमुखता से उपलब्ध रहेगा। इससे जरूरत पड़ने पर बच्चे या उनके अभिभावक सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे।

पुलिस की नई व्यवस्था का मकसद यह है कि किसी बच्चे को अपनी शिकायत या परेशानी बताने के दौरान सामान्य पुलिस प्रक्रिया को लेकर असहजता महसूस न हो। साथ ही, शिकायत मिलने के बाद संबंधित मामले में कार्रवाई की निगरानी भी सुनिश्चित की जा सके।

बच्चियों के मामलों के लिए महिला पुलिसकर्मी रहेंगी तैनात

बच्चियों से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। डेस्क पर उपलब्ध संपर्क नंबर चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।

बच्चों या उनके अभिभावकों की ओर से मिलने वाली शिकायतों और सहायता संबंधी अनुरोधों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा शिकायत कब मिली, उस पर क्या कार्रवाई की गई और मामले की स्थिति क्या है, इसका रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से रखा जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारी करेंगे नियमित निगरानी

नई व्यवस्था केवल डेस्क बनाने तक सीमित नहीं रहेगी। चाइल्ड हेल्प डेस्क के कामकाज की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई है। डीएसपी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी और जिला स्तर के अन्य वरीय अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।

यह व्यवस्था बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी NCPCR के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों से संबंधित शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनना और जरूरत के मुताबिक उन्हें सहायता उपलब्ध कराना है।

2 अक्टूबर तक व्यवस्था, 5 अक्टूबर तक देनी होगी रिपोर्ट

सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि 2 अक्टूबर तक राज्य के प्रत्येक थाने में चाइल्ड हेल्प डेस्क तैयार कर दिया जाए। इसके बाद संबंधित जिलों को इसकी अनुपालन रिपोर्ट 5 अक्टूबर तक पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी।

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बच्चों और उनके अभिभावकों को पुलिस थाने में शिकायत या सहायता के लिए एक अलग माध्यम मिलेगा। खासकर ऐसे मामलों में जहां बच्चा खुद किसी परेशानी का सामना कर रहा हो या किसी घटना की जानकारी देना चाहता हो, वहां चाइल्ड हेल्प डेस्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बिहार पुलिस की इस पहल से थानों में बच्चों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक अलग और अधिक सुलभ व्यवस्था तैयार होने की उम्मीद है, जिससे शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर भी बेहतर तरीके से काम किया जा सकेगा।