पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद बिहार भाजपा ने संगठन और चुनावी रणनीति की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। प्रदेश मुख्यालय में हुई अहम बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव परिणाम का विश्लेषण किया और उन कारणों पर विस्तार से चर्चा की, जिनकी वजह से पार्टी को इस प्रतिष्ठित सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, कई सांसद, विधायक और चुनाव अभियान से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। करीब दो घंटे तक चली समीक्षा बैठक में नेताओं से एक-एक कर फीडबैक लिया गया। चर्चा के दौरान यह माना गया कि चुनाव के दौरान विपक्ष की ओर से बनाए गए कुछ मुद्दों का प्रभावी जवाब नहीं दिया जा सका, जिससे मतदाताओं के बीच पार्टी का पक्ष पूरी मजबूती से नहीं पहुंच पाया।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि नीट आंदोलन का असर विशेष रूप से युवा मतदाताओं पर देखने को मिला। नेताओं का मानना था कि इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जिस तरह माहौल बनाया, उसका असर चुनावी वातावरण पर पड़ा। वहीं भरत तिवारी प्रकरण का भी कुछ क्षेत्रों में राजनीतिक प्रभाव महसूस किया गया, जिससे मतदाताओं के एक वर्ग में नाराजगी की चर्चा रही।
बैठक में राशन कार्ड से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। कई नेताओं ने कहा कि नए राशन कार्ड बनवाने और पात्र लोगों को लाभ मिलने में आई दिक्कतों को लेकर लोगों में असंतोष था। इसके अलावा प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण को लेकर भी कुछ इलाकों में सवाल उठे, जिसका चुनावी माहौल पर असर पड़ा।
संगठनात्मक स्तर पर भी कई कमियों की पहचान की गई। नेताओं ने माना कि बूथ प्रबंधन अपेक्षित स्तर का नहीं रहा। कई कार्यकर्ताओं की ड्यूटी उनके अपने मोहल्ले या परिचित बूथों की बजाय दूसरे क्षेत्रों में लगा दी गई थी। इससे मतदान के दिन समर्थक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने और बूथ स्तर पर समन्वय बनाने में कठिनाई हुई। बैठक में उम्मीदवार परिवर्तन का मुद्दा भी उठा। कुछ नेताओं का मानना था कि चुनाव के बीच में उम्मीदवार बदलने से विपक्ष को राजनीतिक हमला करने का अवसर मिला और इसका असर चुनावी अभियान पर दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में कहा कि युवाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों और फैसलों का प्रभावी प्रचार-प्रसार संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि जनता तक सही संदेश पहुंचे।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हार से सीख लेना किसी भी राजनीतिक संगठन के लिए जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि समीक्षा में सामने आए प्रत्येक बिंदु पर गंभीरता से काम किया जाएगा। साथ ही कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय रहने और विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब देने का आह्वान किया।
बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया गया। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि समीक्षा से मिले सुझावों के आधार पर भविष्य की चुनावी तैयारियों को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि आगामी राजनीतिक मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।