सरकार व BIT मेसरा के बीच MoU, 850 SC-ST-OBC छात्रों को मिलेगी नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा

Published on 28 जुल॰ 2026

Ranchi : झारखंड सरकार के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आदिम जनजाति कल्याण विभाग और बीआईटी मेसरा के यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के बीच मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में एक महत्वपूर्ण (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. इस पहल के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों को नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी.

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यह पहल कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के सहयोग और समर्थन से शुरू की गई है. कार्यक्रम में कल्याण विभाग के सचिव के. एन. झा, संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी, बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना, कुलसचिव डॉ. राजेश जैन, डीन एकेडमिक डॉ. मनीष कुमार, यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक की निदेशक डॉ. विजया लक्ष्मी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे.


एमओयू पर झारखंड सरकार की ओर से संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी और बीआईटी मेसरा की ओर से यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक की निदेशक डॉ. विजया लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए.


समझौते के तहत झारखंड सरकार अगले 10 वर्षों में 79.40 करोड़ रुपये (7,939.63 लाख रुपये) खर्च करेगी. सरकार संस्थान के 85 प्रतिशत आवर्ती व्यय का वहन करेगी. इससे हर वर्ष 850 छात्रों को शिक्षण, छात्रावास और भोजन (मेस) की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क मिलेगी.


योजना का लाभ केवल मेधा के आधार पर चयनित उन छात्रों को मिलेगा, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है. यह योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रभावी मानी जाएगी.


बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि संस्थान पिछले 70 वर्षों से शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में योगदान दे रहा है. उन्होंने कहा कि प्रतिभा हर गांव और हर समुदाय में मौजूद है, जरूरत केवल अवसर देने की है. झारखंड सरकार के साथ यह साझेदारी आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.


सरकार और बीआईटी मेसरा ने यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के विस्तार की भी योजना बनाई है. आने वाले वर्षों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी, नए आईटीआई ट्रेड और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे. साथ ही परिसर में नए छात्रावास और शैक्षणिक भवनों का निर्माण कर छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

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