यूपी के दिग्गज नेता ने छोड़ा BJP का दामन, इस पार्टी में हुए शामिल

Published on 17 सित॰ 2026

Ram Asare Kushwaha: राम आसरे कुशवाहा के बीजेपी छोड़ने और सपा में शामिल होने को आगामी चुनावी तैयारियों के तौर पर देखा जा रहा है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक आसरे का सपा में जाना यूपी में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है.

Published byAmit Kasana

Ram Asare Kushwaha: राम आसरे कुशवाहा के बीजेपी छोड़ने और सपा में शामिल होने को आगामी चुनावी तैयारियों के तौर पर देखा जा रहा है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक आसरे का सपा में जाना यूपी में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है.

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BJP vs SP

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Ram Asare Kushwaha: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी को एक और सियासी झटका लगा है. दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके राम आसरे कुशवाहा ने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है. खास बात यह है कि राम आसरे कुशवाहा करीब 13 साल बाद समाजवादी पार्टी में वापस लौटे हैं. 

राम आसरे कुशवाहा की सपा में 13 साल बाद हुई वापसी

जानकारी के अनुसार राम आसरे कुशवाहा का सपा में लौटना ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि राम आसरे के सपा में जाने के बाद पार्टी का कुशवाह वोट बैंक मजबूत होगा. बताया जा रहा है कि उनके बीजेपी छोड़ने और सपा में शामिल होने को आगामी चुनावी तैयारियों के तौर पर देखा जा रहा है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक आसरे का सपा में जाना यूपी में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है.

यूपी विधानसभा 2027 चुनाव से पहले बीजेपी को झटका, पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा सपा में शामिल#UPElection#RamAsreyKushwaha#NewsNationpic.twitter.com/cNKfw6bI7A

— News Nation (@NewsNationTV) September 17, 2026

राम आसरे कुशवाहा का बीजेपी से सपा तक कैसा रहा सियासी सफर?

राम आसरे कुशवाहा ने अपनी पुरानी पार्टी में वापसी की है. राम आसरे कुशवाहा उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. वह यूपी के कद्दावर नेताओं में से एक हैं. उनका लंबा राजनीतिक अनुभव है, जिससे सपा को इससे फायदा मिलेगा. अब जब 2027 विधानसभा चुनाव पास हैं तो सपा को उनके अनुभव से गठबंधन करने में आसानी होगी. बता दें उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी, सपा समेत अन्य राजनीतिक संगठन पार्टी के सामाजिक समीकरण को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं. ऐसे में प्रदेश में नेताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाना चुनावी तैयारियों के लिहाज से चर्चा का विषय बन रहा है.

2027 से पहले बढ़ रही राजनीतिक हलचल

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. बीजेपी जहां संगठन और बूथ स्तर पर अपनी तैयारियों को मजबूत करने में जुटी है, वहीं समाजवादी पार्टी भी अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है. राम आसरे कुशवाहा का सपा में शामिल होना इसी दौर में हुआ है. 

तमाम दलों की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच प्रदेश में बीजेपी, सपा और आरएलडी समेत तमाम दलों की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. बीजेपी संगठन स्तर पर चुनावी तैयारी और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने पर जोर दे रही है. हाल में लखनऊ में आरएसएस-बीजेपी समन्वय बैठक में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और विपक्ष के एजेंडे के बजाय अपनी रणनीति पर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया. बीजेपी की चुनावी रणनीति में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और विकास कार्य प्रमुख मुद्दे रहने की बात पार्टी नेताओं की ओर से कही गई है. 

22 मई 2027 को समाप्त होगा मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 

सपा किसानों, पिछड़े वर्ग और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण को लेकर सरकार पर हमलावर हैं. हालिया राजनीतिक गतिविधियों में निषाद समाज को लेकर भी बीजेपी और विपक्ष के बीच सक्रियता बढ़ी है. दूसरी ओर आरएलडी 2024 लोकसभा चुनाव से बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA का हिस्सा है और पश्चिमी यूपी में उसका सामाजिक आधार चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. बता दें यूपी में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं और मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में निर्धारित समय पर कराए जाएंगे. हालांकि मतदान की तारीखों और चरणों का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है.

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