Updated: Wednesday, September 23, 2026, 15:35 [IST]
BJP State In-charges Full List: विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने बुधवार (23 सितंबर) को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए। भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की मंजूरी के बाद जारी सूची में कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है।
इस फेरबदल में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। वहीं पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को बिहार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश के प्रभारी बने रहेंगे, जबकि राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड का प्रभार दिया गया है। भाजपा का यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारियां तेज हो चुकी हैं।
पहले समझिए, भाजपा में प्रदेश प्रभारी का काम क्या होता है?
किसी राज्य का प्रदेश प्रभारी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाता है। प्रभारी की जिम्मेदारियों में आम तौर पर राज्य संगठन के साथ समन्वय, संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा, चुनावी तैयारियों पर नजर, केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों को राज्य तक पहुंचाना और राज्य नेतृत्व से फीडबैक लेना शामिल होता है। वहीं सह-प्रभारी प्रभारी के साथ मिलकर संगठनात्मक और चुनावी कामकाज में सहयोग करते हैं।
किस नेता को किस राज्य की जिम्मेदारी?
भाजपा की नई नियुक्तियों में कई वरिष्ठ नेताओं को चुनावी और संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है।
| नेता | नई जिम्मेदारी |
| स्मृति ईरानी | हरियाणा और छत्तीसगढ़ |
| हरीश द्विवेदी | बिहार |
| विनोद तावड़े | उत्तर प्रदेश |
| राम माधव | तमिलनाडु और उत्तराखंड |
| तरुण चुघ | गुजरात |
| सतीश पूनिया | जम्मू-कश्मीर और पंजाब |
| अनिल एंटनी | गोवा और नागालैंड |
नई सूची में अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए भी प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्तियां की गई हैं।
स्मृति ईरानी को हरियाणा-छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी क्यों?
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को अब हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। ईरानी को भाजपा के केंद्रीय संगठन में अगस्त 2026 में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम में वह आठ राष्ट्रीय महासचिवों में शामिल हैं। उनके पास अब दो राज्यों के संगठन की जिम्मेदारी होगी। इनमें हरियाणा ऐसा राज्य है जहां भाजपा सत्ता में है, जबकि छत्तीसगढ़ में भी पार्टी की सरकार है।
हरीश द्विवेदी को बिहार की कमान
भाजपा ने उत्तर प्रदेश से आने वाले वरिष्ठ नेता हरीश द्विवेदी को बिहार का प्रभारी बनाया है। द्विवेदी पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अगस्त 2026 में घोषित भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। बिहार भाजपा के लिए संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में द्विवेदी की नियुक्ति को राज्य संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की जिम्मेदारी के तौर पर देखा जाएगा।
विनोद तावड़े के पास उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश को लेकर भाजपा ने अगस्त में ही बड़ा संगठनात्मक फैसला किया था। पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया था और जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी नियुक्त किया था। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए तावड़े लगातार उत्तर प्रदेश के दौरे कर रहे हैं। सितंबर में उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक बैठकें कीं और विधानसभा क्षेत्रों की तैयारियों की समीक्षा की। यानी नई सूची में उत्तर प्रदेश के लिए तावड़े की जिम्मेदारी बनी हुई है।
राम माधव को तमिलनाडु-उत्तराखंड
भाजपा ने वरिष्ठ नेता राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड का प्रभार सौंपा है। राम माधव अगस्त 2026 में भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए थे। इससे पहले वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और संगठनात्मक रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
तरुण चुघ को गुजरात की जिम्मेदारी
भाजपा ने तरुण चुघ को गुजरात का प्रभारी बनाया है। चुघ पहले भी पार्टी के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अगस्त में घोषित भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें केंद्रीय कार्यालय प्रभारी बनाया गया था। नई राज्य प्रभारी सूची में उन्हें गुजरात की संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई है।
सतीश पूनिया को पंजाब-जम्मू-कश्मीर
राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर का प्रभार दिया गया है। पूनिया अगस्त में भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए थे। वह राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में वहां संगठन की तैयारी भाजपा के लिए अहम रहेगी।
अनिल एंटनी को गोवा-नागालैंड
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अनिल एंटनी को गोवा और नागालैंड का प्रभारी बनाया गया है। अगस्त में घोषित राष्ट्रीय टीम में एंटनी को राष्ट्रीय सचिव के पद पर बरकरार रखा गया था। अब उन्हें दो राज्यों के संगठन की जिम्मेदारी भी दी गई है।
यहां देखें पूरी लिस्ट
2027 के चुनावों से पहले क्यों अहम है यह फेरबदल?
भाजपा का यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी 2027 में चुनाव होने हैं। खास तौर पर उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। पार्टी ने अगस्त में ही विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी बनाकर संगठनात्मक तैयारियां तेज की थीं। तावड़े ने सितंबर में कई जिलों का दौरा कर संगठन और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की है। नई नियुक्तियों के जरिए केंद्रीय नेतृत्व ने अलग-अलग राज्यों में वरिष्ठ नेताओं को संगठन की निगरानी की जिम्मेदारी दी है।
भाजपा की नई टीम में पहले भी हुआ था बड़ा बदलाव
इससे पहले अगस्त 2026 में नितिन नबीन ने भाजपा की राष्ट्रीय टीम में बड़ा फेरबदल किया था। पार्टी ने 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किए थे। इनमें स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, हरीश द्विवेदी और सतीश पूनिया जैसे नेता शामिल थे। राष्ट्रीय टीम में बदलाव के बाद अब राज्यों के प्रभारी स्तर पर फेरबदल किया गया है। इससे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में एक और बदलाव हुआ है।