BNMU के नाम से फर्जी चैनल बनाकर अवैध वसूली: व्हाट्सएप चैनल पर 1000 रुपए में स्नातक प्रोत्साहन योजना के आवेदन वेरिफिकेशन का दावा - Madhepura News

Published on 19 जुल॰ 2026

मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय के नाम का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है। व्हाट्सएप पर 'Bhupendra Narayana Mandal University, Madhepura' नाम से संचालित एक चैनल मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं के ल

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उस व्हाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट साझा की गई है, जिसमें मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना (स्नातक) के लंबित आवेदन को "मेकर एंड चेकर वेरिफाइड" कराने का दावा किया गया।

पोस्ट में बीएनएमयू के अलावा मगध विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, एलएनएमयू, पीपीयू, टीएमबीयू और मुंगेर विश्वविद्यालय के छात्रों के आवेदन भी वेरिफाई कराने की बात कही गई। इसके लिए एक मोबाइल नंबर जारी कर संपर्क करने को कहा गया।

वेरिफिकेशन के लिए आधार कार्ड और मार्कशीट मांगा

छात्रा ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया। चैट के दौरान सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि '1000 रुपए लगेंगे, आज ही काम हो जाएगा।' मोलभाव करने पर भी उसने कहा कि इससे कम रुपए में काम नहीं होगा। व्हाट्सएप चैट में संबंधित व्यक्ति ने आवेदन वेरिफिकेशन के लिए आधार कार्ड और मार्कशीट भेजने को कहा।

बीएनएमयू के नाम से सोशल मीडिया पर कई अनधिकृत व्हाट्सएप चैनल संचालित हो रहे हैं। इन चैनलों पर विश्वविद्यालय से जुड़ी सूचनाएं भी साझा की जाती हैं, जिससे कई छात्र इन्हें आधिकारिक चैनल समझ बैठते हैं। अब इन्हीं प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी योजनाओं और विश्वविद्यालयी कार्यों के नाम पर पैसे मांगने का मामला सामने आया है।

बीएनएमयू के कन्या उत्थान योजना के नोडल कार्यालय के सहायक शुभम कुमार राज ने बताया कि छात्राओं को आवेदन वेरिफिकेशन के लिए किसी भी व्यक्ति या माध्यम को रुपए देने की आवश्यकता नहीं है। विश्वविद्यालय स्तर पर सभी आवेदनों का वेरिफिकेशन निर्धारित प्रक्रिया के तहत निशुल्क किया जाता है।

नोडल कार्यालय पहुंचकर समस्या बताने की अपील

उन्होंने बताया कि अधिकांश आवेदनों का सत्यापन पूरा हो चुका है। जिन छात्राओं के आवेदन लंबित हैं, उनमें प्रायः कागजात या आवेदन संबंधी त्रुटियां हैं। ऐसी छात्राएं किसी दलाल या अनधिकृत व्यक्ति के झांसे में न आएं, बल्कि आवश्यक दस्तावेजों के साथ सीधे नोडल कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या का समाधान कराएं।

बीएनएमयू के कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि छात्र-छात्राएं सोशल मीडिया पर बीएनएमयू के नाम से चल रहे अनधिकृत चैनलों के झांसे में नहीं आएं। विवि की कोई भी सूचना ऑफिशियल बेवसाइट पर अपलोड की जाती है। ऐसे अवैध चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।