BRICS Summit 2026: मोदी बोले- यहां सुनी जाती है ग्लोबल साउथ की आवाज, इसलिए बढ़ा भरोसा

Published on 13 सित॰ 2026

PM Modi BRICS Speech: ब्रिक्स सेशन की अध्यक्षता करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 11 देशों के इस समूह पर ग्लोबल साउथ का भरोसा बढ़ा है. उन्होंने आपदा प्रबंधन, MSME सहयोग, बीमारियों के लिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम और पर्यावरण से जुड़ी अहम पहलों का जिक्र किया.

BRICS MSME Portal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि BRICS पर ग्लोबल साउथ के देशों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि इस मंच की सबसे बड़ी ताकत इसकी विविधता और सदस्य देशों के बीच सहयोग की भावना है।

'Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth' सत्र की अध्यक्षता करते हुए पीएम मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान आपदा प्रबंधन, MSME सहयोग, कौशल विकास, रोजगार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में शुरू की गई अहम पहलों का जिक्र किया।

पीएम मोदी बोले- BRICS में ग्लोबल साउथ की आवाज को मिलता है सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने BRICS मंच के जरिए दोस्ती, साझेदारी और सहयोग की भावना को मजबूत करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि BRICS का सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें उद्यमी, किसान, शोधकर्ता, महिलाएं, युवा और आम नागरिक भी सक्रिय भागीदारी करें।

पीएम मोदी ने कहा कि उनके अनुभव के अनुसार ग्लोबल साउथ के देशों का BRICS पर भरोसा बढ़ा है, क्योंकि यहां उनकी आवाज सुनी जाती है और उनके अनुभवों का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि BRICS में समाधान केवल किसी देश के लिए नहीं, बल्कि सभी के साथ मिलकर तैयार करने की सोच है।

बीमारियों और आपदाओं से निपटने के लिए नई तैयारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया कई तरह के संकटों का सामना कर रही है। महामारी, जलवायु से जुड़ी आपदाएं और सप्लाई चेन में आने वाली बाधाएं यह दिखा चुकी हैं कि आधुनिक दुनिया में कोई भी संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता।

इसी को ध्यान में रखते हुए BRICS देशों के बीच संक्रामक बीमारियों की समय रहते पहचान और उनसे निपटने के लिए BRICS Integrated Early Warning System पर आम सहमति बनी है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए Early Warning Data Integration Guidelines भी तैयार की गई हैं।

नई दिल्ली घोषणा-पत्र में 11 सदस्य देशों ने इस दिशा में काम आगे बढ़ाने के लिए एक समर्पित सब-वर्किंग ग्रुप की स्थापना का भी स्वागत किया।

स्किल, रोजगार और MSME पर BRICS का फोकस

पीएम मोदी ने BRICS CONNECT पहल का भी जिक्र किया। इसके तहत सदस्य देशों के बीच कौशल विकास, रोजगार, नई तकनीक, क्षमता निर्माण और कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि छोटे और मध्यम उद्यमों को ज्ञान, वित्त और नए बाजारों से जोड़ने के लिए BRICS MSME Cooperation Portal की शुरुआत की गई है। वहीं, शहरों के बीच बेहतर व्यवस्थाओं और अनुभवों को साझा करने के लिए BRICS Urban Mobility Hub भी स्थापित किया गया है।

विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं

पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सभ्यता में प्रकृति के महत्व का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की सोच में विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि BRICS के भीतर मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के प्रति सदस्य देशों की जिम्मेदारी बताया।

स्वच्छ ऊर्जा और खेती के लिए नई पहल

प्रधानमंत्री ने बताया कि स्मार्ट ग्रिड और एनर्जी स्टोरेज के लिए BRICS Digital Centre of Excellence स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों को अधिक भरोसेमंद, प्रभावी और सुलभ बनाना है।

इसके अलावा एग्रोइकोलॉजी और रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का काम करेंगे। समुदाय आधारित जलवायु अनुकूलन के लिए तैयार सिद्धांतों में स्वदेशी ज्ञान को भी जलवायु कार्रवाई का महत्वपूर्ण आधार माना गया है।

चार बड़े स्तंभों पर खत्म हुआ BRICS Summit

भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का अंतिम चरण Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability के चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित रहा। दो दिवसीय यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थीम के तहत आयोजित किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से साफ है कि भारत BRICS को केवल सरकारों के बीच सहयोग का मंच नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ की आवाज और साझा विकास का एक मजबूत प्लेटफॉर्म बनाने पर जोर दे रहा है।