'फसलों पर खून', 'साइको...', तेलंगाना में BRS और रेवंत रेड्डी के बीच आखिर क्यों छिड़ी ज़ुबानी जंग?

Published on 12 जुल॰ 2026

तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के बीच तनाव बढ़ गया है. कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों पर की गई टिप्पणियों से सियासत और भी गर्मा गई है. कांग्रेस का आरोप है कि सिंचाई के लिए पानी मिलने के बावजूद BRS सीएम रेड्डी पर दबाव बना रही है. सीएम रेड्डी ने BRS को जवाब देते हुए कहा कि बीआरएस इस प्रोजेक्ट के बारे में बिना कुछ जाने बेफिज़ूल की बातें कर रही हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी के इस झूठ के लिए उन्हें बेल्ट से पीटना चाहिए. सीएम रेड्डी ने ये भी कहा कि अगर BRS का खून, अहंकार और चर्बी खेतों में बहा दिया जाए, तो खेतों की सिंचाई आराम से हो जाएगी.

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माफी मांगें CM- BRS

रेवंत रेड्डी ने केटीआर और हरीश राव को बेशर्म BRS नेता बताते हुए कहा कि उन्हें कालेश्वरम प्रोजेक्ट में कूद जाना चाहिए ताकि तेलंगाना का बुरी किस्मत खत्म हो जाए. CM रेड्डी के इन बयानों की BRS नेता हरीश राव ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि उनके ‘बेल्ट ट्रीटमेंट’ और ‘फसलों पर खून’ वाले बयान बेहद शर्मनाक हैं. हरीश राव ने कहा कि मुख्यमंत्री वो इन बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी मुहैया करवाने की बजाय मुख्यमंत्री अभद्र टिप्पणियां कर रहे हैं.

मानसिक रोगी से की CM की तुलना

हरीश राव ने सीएम रेड्डी की तुलना एक साइको यानी मानसिक रोगी से की. उन्होंने कहा कि जिस कुर्सी पर बैठे हैं, वहां इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद शर्मनाक है. हरीश राव ने कहा कि खेतों के लिए पानी मांगने पर मुख्यमंत्री के मुंह से सिर्फ झूठी बातें और अपशब्द निकल रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिंचाई की बात पर वो BRS के नेताओं का खून बहाने के लिए कह रहे हैं, क्या ये मुख्यमंत्री पद के व्यक्ति को शोभा देता है.

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कालेश्वरम प्रोजेक्ट पर क्यों है टकराव?

कालेश्वरम प्रोजेक्ट को लेकर BRS और कांग्रेस के बीच खींचतान जारी है. BRS लगातार ये आरोप लगा रही है कि कन्नपल्ली पंप हाउस में पानी होने के बावजूद रेड्डी सरकार किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं दे रही. वहीं मुख्यमंत्री ने ये साफ किया है इस प्रोजेक्ट के बैराज की मरम्मत के लिए वो सिर्फ नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी की बात मानेगी, विपक्ष की नहीं. उन्होंने कहा कि सरकार NDSA की सिफारिशों के मुताबिक बैराजौं को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रही है, जो BRS सरकार के वक्त खराब हालत में थे.

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