
असली दालचीनी और कैसिया में फर्कImage Credit source: pexels
अरोमा और हल्की मिठास से भरपूर दालचीनी न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ा देती है, बल्कि ये पोषक तत्वों से भरपूर होती है. अक्सर लोग असली दालचीनी को पहचानने में गलती कर देते हैं. दरअसल दालचीनी एक पेड़ की छाल होती है और बाजार में इसी के जैसी दिखने वाली एक छाल को दालचीनी के ही दाम पर बाजार में बेचा जाता है. इसका स्वाद और पोषक तत्व दोनों में फर्क होता है. तो चलिए जान लेते हैं कि इसकी पहचान कैसे करें. कौन सी वाली दालचीनी आपको खानी चाहिए.
दालचीनी को भारतीय रसोई में खाने के अलावा देसी नुस्खों में भी इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए ये बहुत जरूरी है कि आपको सही दालचीनी की पहचान हो ताकि आपको पूरा फायदा मिल सके. तो चलिए जान लेते हैं दोनों तरह की दालचीनी के बारे में डिटेल के साथ.
दोनों दालचीनी के बारे में जानें
ज्यादातर लोगों का कहना होता है नकली दालचीनी आती है. हालांकि असल में बाजार में मिलने वाली ज्यादातर दालचीनी इसी की फैमिली ट्री से मिलने वाली छाल होती है जो बिल्कुल दालचीनी जैसी दिखाई देती है. असली दालचीनी को सीलोन (Ceylon Cinnamon) कहा जाता है . जबकि दूसरी दालचीनी को कैसिया कहा जाता है. असली दालचीनी ज्यादा फायदेमंद होती है और इसी वजह से महंगी भी रहती है.
कैसे करें पहचान?
सीलोन दालचीनी की ये पहचान है कि ये हल्की भूरे और लाल शेड के साथ होती है और इसकी कई परतें रोल की तरह मुड़ी हुई होती हैं जो बहुत ही आसानी से टूट जाती हैं. कैसिया दालचीनी की पहचान है कि इसकी एक मोटी सख्त परत होती है जो तोड़ने के दौरान भी महसूस होती है.
दालचीनी में आप सुगंध से भी पहचान कर सकते हैं. कैसिया में तेज और तीखी महक आती है, जबकि सीलोन का अरोमा हल्का होता है. इसका स्वाद भी खाने पर हल्का मीठा महसूस होता है.
कैसिया का हेल्थ पर असर
दालचीनी की जगह बेची जाने वाली कैसिया पोषक तत्वों में कम होने के साथ ही हेल्थ को नुकसान भी पहुंचा सकती है. दरअसल इसमें ‘कौमेरिन’ (Coumarin) ज्यादा मात्रा में पाया जाता है. इस वजह से ये लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है. वहीं सीलोन दालचीनी में इस तत्व की मात्रा बहुत कम या कहें कि न के बराबर पाई जाती है, इसलिए मार्केट में दालचीनी खरीदते वक्त चेक कर लें कि ये सीलोन ही हो.
कितने हैं दालचीनी के पोषक तत्व?
सिलोन दालचीजनी के कंपाउंड की बात करें तो इसमें सिनामाल्डिहाइड पाया जाता है. वेब एमडी के मुताबिक, इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं और एंटीइंफ्लामेटरी, एंटीबायोटिक गुण भी पाए जाते हैं. ये पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम का भी अच्छा सोर्स है.
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शशि सिंह
शशि सिंह टीवी9 डिजिटल हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. उत्तर प्रदेश के बरेली शहर से ताल्लुक रखने वाली शशि ने बरेली कॉलेज (महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय) से आर्ट्स से ग्रेजुएशन किया है और अमर उजाला से संबंद्ध इंस्टीट्यूट 'द आरोहन मीडिया स्कूल' से इंटीग्रेटेड डिजिटल मीडिया में पीजी डिप्लोमा कर चुकी हैं. इसके साथ ही अमर उजाला से ही इन्होंने बतौर जूनियर कंटेंट राइटर पत्रकारिता के करियर की शुरुआत की. वह रिलीजन, रिलेशनशिप, फूड, हेल्थ, और मनोरंजन जैसे टॉपिक्स पर लिखती हैं. इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन सालों से ज्यादा का अनुभव है. वहीं मनोरंजन के साथ राजनीति, क्राइम और देश-दुनिया की खबरों के लेखन में भी दिलचस्पी रखती हैं. इसके अलावा इन्होंने 'टेकवन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन' से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री भी ली है. वह किताबें पढ़ने, कविताएं और शायरी लिखने-पढ़ने का शौक रखती हैं और नई-नई चीजों को एक्सप्लोर करना पसंद करती हैं.
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