Published: Sunday, September 13, 2026, 13:45 [IST]
CCFS-2026 स्कीम 15 सितंबर 2026 को रात 11:59 बजे बंद हो रही है। डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों के पास अपनी बरसों पुरानी पेंडिंग एनुअल फाइलिंग निपटाने के लिए अब सिर्फ 48 घंटे का समय बचा है। इस विंडो के दौरान नॉर्मल फीस के साथ एडिशनल (अतिरिक्त) लेट फीस का केवल 10% ही देना होगा। यह राहत मुख्य रूप से एनुअल रिटर्न और फाइनेंशियल स्टेटमेंट के लिए है, जिसमें सीमित छूट (इम्यूनिटी) भी मिल रही है। इस डेडलाइन को पहले ही बढ़ाया जा चुका है, इसलिए इसे ही आखिरी मौका मानें—आगे डेडलाइन बढ़ने के कोई संकेत नहीं हैं।
इस योजना में शामिल ई-फॉर्म्स में MGT-7/MGT-7A, AOC-4 फैमिली, ADT-1, 1956 कानून के कुछ पुराने फॉर्म्स और FC-3/FC-4 शामिल हैं। MSC-1 के जरिए डोरमेंसी (कंपनी को निष्क्रिय घोषित कराने) पर 50% फाइलिंग फीस लगेगी, जबकि STK-2 के जरिए स्ट्राइक-ऑफ (कंपनी बंद करने) पर 25% फीस तय की गई है। वहीं DIR-3 KYC, PAS-3, DPT-3 और MSME-1 जैसे फॉर्म्स को इस छूट से बाहर रखा गया है। पात्र फाइलिंग पर नॉर्मल फीस के साथ लागू अतिरिक्त फीस का केवल 10% ही चुकाना होगा।

AOC-4 और MGT-7/MGT-7A पर सामान्य दिनों में बिना किसी सीमा (कैपिंग) के 100 रुपये प्रतिदिन की दर से एडिशनल लेट फीस लगती है। लेकिन CCFS-2026 के तहत आपको उस अतिरिक्त फीस का केवल 10% ही देना है। उदाहरण के लिए, अगर दोनों फॉर्म्स में एक साल की देरी हुई है, तो आम तौर पर लगभग ₹73,000 की लेट फीस बनती है, लेकिन CCFS के तहत नॉर्मल फीस के अलावा सिर्फ ₹7,300 ही देने होंगे। यह बचत किसी छोटी फर्म के लिए एक हफ्ते की ₹25,000 की सैलरी जितनी बड़ी राहत हो सकती है।
| CCFS के बिना (सामान्य नियम) | CCFS-2026 के दौरान |
|---|---|
| AOC-4/MGT-7: ₹100/दिन, कोई कैप नहीं; इम्यूनिटी (छूट) की गारंटी नहीं। | अतिरिक्त फीस का केवल 10% दें; सीमित इम्यूनिटी लागू। |
| STK-2 स्ट्राइक-ऑफ: 100% फाइलिंग फीस। | STK-2 पर 25% फीस; MSC-1 डोरमेंसी पर 50% फीस। |
MCA V3 पोर्टल पर CCFS-2026 फाइलिंग का प्रोसेस
फाइलिंग के लिए बिजनेस यूजर (Business User) के रूप में लॉग इन करें, वैलिड क्लास-3 DSC, बोर्ड/AGM मिनट्स और ऑडिटर का यूनिक डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (UDIN) पहले से तैयार रखें। ध्यान रखें, सबसे पहले ADT-1 फाइल करें, फिर AOC-4 और आखिर में MGT-7/7A भरें; अगर यह क्रम बदला तो फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा। भुगतान के लिए Pay Now या Pay Later चुनें; SRN को लिंक करें और कार्ड, नेट-बैंकिंग, UPI या NEFT के जरिए पेमेंट करें। ADT-1 SRN के गलत मिलान और एक्सपायर हो चुके DSC का विशेष ध्यान रखें।
डेडलाइन खत्म होने के बाद के खतरे, LLP/OPC के नियम और बैकअप प्लान
15 सितंबर की डेडलाइन बीतने के बाद फिर से पूरी लेट-फीस लागू हो जाएगी और सेक्शन 92 व 137 के तहत एडजुडिकेशन (कानूनी कार्रवाई) शुरू हो सकती है। लगातार तीन बार डिफ़ॉल्ट करने पर डायरेक्टर्स को 5 साल के लिए अयोग्य (डिस्क्वॉलिफाई) घोषित किया जा सकता है और कंपनी को बंद (स्ट्राइक-ऑफ) भी किया जा सकता है। ध्यान दें कि LLPs इस CCFS योजना के दायरे में नहीं आते हैं। OPCs (वन पर्सन कंपनी) को वित्त वर्ष खत्म होने के 180 दिनों के भीतर AOC-4 फाइल करना होता है और वे MGT-7A का इस्तेमाल करती हैं। अगर इस योजना से बाहर का कोई पुराना डिफ़ॉल्ट है, तो सेक्शन 441 के तहत उचित एडजुडिकेशन या कंपाउंडिंग के विकल्प पर कानूनी सलाह लें।
Story first published: Sunday, September 13, 2026, 13:45 [IST]
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