जॉर्डन हमले का बदला: ईरान पर अमेरिका का जरबरदस्त अटैक, ट्रंप बोले- IRGC को सबक सिखाना जरूरी - Haribhoomi

Published on 19 जुल॰ 2026

जॉर्डन हमले का बदला: CENTCOM ने ईरान पर बरसाए बम, ट्रंप बोले- IRGC को सबक सिखाना जरूरी

जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए घातक हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हवाई हमले शुरू किए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने IRGC को निशाना बनाने का निर्देश दिया है।

US airstrikes on Iran after Jordan military base attack

जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए घातक हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हवाई हमले शुरू किए हैं।

  • Published: 19 Jul 2026, 08:47 AM IST
  • Last Updated: 19 Jul 2026, 08:53 AM IST

US airstrikes on Iran: जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए जानलेवा हमले के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान पर नए हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रविवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को 'तेजी से दंडित' करने के लिए की गई है।

CENTCOM के अनुसार, ये हवाई हमले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर किए गए हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य न केवल ईरान को सजा देना है, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना भी है। गौरतलब है कि युद्ध से पहले वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता था।

Today at 6 p.m. ET, U.S. forces began launching new airstrikes against Iran at the Commander in Chief’s direction. The strikes are designed to further degrade Iran’s ability to threaten commercial shipping in the Strait of Hormuz and swiftly punish Islamic Revolutionary Guard…

— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 18, 2026

जॉर्डन में मारे गए अमेरिकी सैनिक
शुक्रवार को जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों में अमेरिका को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। अमेरिकी सेना ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई, एक अभी भी लापता है और चार अन्य घायल हुए थे। हालांकि, जो चार सैनिक घायल हुए थे, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है। बाकी अन्य सैनिकों को मामूली चोटें आई थीं, जो अपनी ड्यूटी पर वापस लौट चुके हैं।

युद्ध में बढ़ता मानवीय संकट
अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है और 430 से ज्यादा जवान घायल हुए हैं। CENTCOM ने मारे गए जवानों के नाम या हमले से जुड़ी अन्य गोपनीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। शुक्रवार, 17 जुलाई को जब अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं हमले को नाकाम करने की कोशिश कर रही थीं, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी।

ईरान ने दी चेतावनी
हमले के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता के हवाले से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने इस्लामिक रिपब्लिक पर हमले जारी रखे, तो उसे 'अविस्मरणीय सबक' सिखाया जाएगा। इसके साथ ही, एक ईरानी वार्ताकार ने यह घोषणा की कि तेहरान अब एक महीने पहले हुए उस अंतरिम समझौते से अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर रहा है, जिसका लक्ष्य युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना था। ईरान की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को भी 'बेकार और अमान्य' बताया गया है।